Jharkhand Mein Billing system में सुधार, जुलाई में 96% उपभोक्ताओं तक पहुंचा बिजली बिल
झारखंड में बिजली उपभोक्ताओं तक समय पर बिल पहुंचाने की Billing system में सुधार दर्ज किया गया है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड JBVNL की जुलाई 2026 की बिलिंग रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की ओवरऑल Billing system दक्षता बढ़कर 96 प्रतिशत हो गई है। जून में यह आंकड़ा 95 प्रतिशत था, यानी एक महीने में लगभग 1.5 प्रतिशत अंक का सुधार दर्ज किया गया है । यह सुधार स्मार्ट मीटर के विस्तार और बिलिंग प्रक्रिया में किए गए सख्त प्रशासनिक हस्तक्षेपों का परिणाम है ।
विषय सूची
- Billing system में सुधार के आंकड़े
- हजारीबाग टॉप पर, धनबाद सबसे पीछे
- Billing system में सुधार के पीछे स्मार्ट मीटर का योगदान
- Billing system की चुनौतियां और गड़बड़ी के मामले
- Billing system सुधार से राजस्व संग्रह पर असर
- Billing system के लिए सरकार की बड़ी योजनाएं
1. Billing system में सुधार के आंकड़े
JBVNL की जुलाई 2026 की बिलिंग रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 56,04,917 प्रभावी बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 54,13,542 उपभोक्ताओं की बिलिंग पूरी कर ली गई है, जबकि करीब 1,91,375 उपभोक्ताओं की बिलिंग अभी लंबित है। इस Billing system के जरिए 96 प्रतिशत उपभोक्ताओं तक बिजली बिल पहुंचाने में सफलता मिली है, जो जून के 95 प्रतिशत से सुधार दर्शाता है ।
यह सुधार JBVNL की उस घोषणा के अनुरूप है जिसमें निगम ने जुलाई में 100 प्रतिशत बिलिंग का लक्ष्य रखा था । निगम ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सख्त प्रशासनिक हस्तक्षेप लागू किए, जिसमें द्वि-साप्ताहिक निगरानी सत्र और साप्ताहिक बिलिंग कोटा शामिल थे। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम यह है कि Billing system की दक्षता में लगातार सुधार हो रहा है।
2. हजारीबाग टॉप पर, धनबाद सबसे पीछे
जुलाई 2026 में विभिन्न सर्किलों की Billing system के प्रदर्शन में काफी अंतर देखने को मिला। हजारीबाग सर्किल ने 99.26 प्रतिशत बिलिंग दक्षता के साथ राज्य में पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद कोडरमा 99.13 प्रतिशत, रामगढ़ 98.48 प्रतिशत, जमशेदपुर 98.14 प्रतिशत और रांची 97.57 प्रतिशत के साथ टॉप-5 में शामिल रहे।
वहीं, Billing system में धनबाद सर्किल 93.21 प्रतिशत बिलिंग दक्षता के साथ सबसे निचले स्थान पर रहा। इसके बाद दुमका में 94.14 प्रतिशत और चास में 94.78 प्रतिशत बिलिंग दर्ज की गई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि Billing system की प्रभावशीलता विभिन्न क्षेत्रों में काफी भिन्न है और धनबाद सर्किल को अपनी बिलिंग प्रणाली में सुधार की अधिक आवश्यकता है।
3. Billing system में सुधार के पीछे स्मार्ट मीटर का योगदान
Billing system में इस सुधार का एक बड़ा कारण स्मार्ट मीटर का विस्तार है। JBVNL के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार के अनुसार, स्मार्ट मीटर की स्थापना ने न केवल बिजली चोरी को रोका है, बल्कि स्वचालित और समय पर बिल निर्माण सुनिश्चित किया है । रांची में जून में स्मार्ट मीटर के विस्तार से Billing system की दक्षता मई के 91.7 प्रतिशत से बढ़कर जून में 97 प्रतिशत से अधिक हो गई थी ।
स्मार्ट मीटर प्रीपेड मॉडल पर काम करते हैं, जो यदि उपभोक्ता का खाता बैलेंस शून्य से कम हो जाता है तो स्वचालित रूप से बिजली कनेक्शन काट देते हैं। यह प्रणाली उपभोक्ताओं को समय पर बिल भुगतान के लिए प्रोत्साहित करती है, क्योंकि भुगतान के 30 मिनट के भीतर बिजली बहाल कर दी जाती है । स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी मासिक, दैनिक और यहां तक कि प्रति घंटा बिजली खपत को ट्रैक करने की सुविधा भी प्रदान करते हैं, जिससे Billing system अधिक पारदर्शी हो गई है ।
4. Billing system की चुनौतियां और गड़बड़ी के मामले
Billing system में सुधार के बावजूद, गड़बड़ी के मामले अब भी सामने आते रहते हैं। बोकारो के कसमार में गणेश महतो नामक घरेलू उपभोक्ता को JBVNL ने 37 लाख रुपये का बिजली बिल भेजा, जिसमें तीन महीने में 50 लाख यूनिट बिजली की खपत दिखाई गई । यह खपत किसी भी सामान्य घरेलू उपभोक्ता के लिए पूरी तरह असंभव है, और यह Billing system की तकनीकी गड़बड़ी या मीटर रीडर की लापरवाही को दर्शाता है ।
ऐसे मामले Billing system में सुधार की निरंतर आवश्यकता को उजागर करते हैं। JBVNL अधिकारियों के अनुसार, ऐसी त्रुटियों की जांच की जाती है और सही बिल जारी किया जाता है । निगम AI/ML-आधारित ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन मीटर रीडिंग सिस्टम के लिए टेंडर भी जारी कर चुका है, जिसका उद्देश्य बिलिंग प्रक्रियाओं को स्वचालित करना और डेटा कैप्चर में त्रुटियों को कम करना है ।
5. Billing system सुधार से राजस्व संग्रह पर असर
Billing system में सुधार का सीधा असर राजस्व संग्रह पर पड़ता है। जून 2026 में JBVNL ने 95 प्रतिशत बिलिंग दक्षता हासिल करते हुए 52,95,689 उपभोक्ताओं के लिए बिल तैयार किए और 468.52 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया । स्मार्ट मीटर के विस्तार के कारण रांची में जून में राजस्व संग्रह ₹104 करोड़ तक पहुंच गया, जो मई की तुलना में ₹8 करोड़ अधिक था ।
बिजली निगम का मानना है कि Billing system में सुधार से उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए पर्याप्त समय मिलता है और वितरण व्यवस्था की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलती है। JBVNL के CMD के. श्रीनिवासन ने जुलाई के लिए 99 से 100 प्रतिशत बिलिंग दक्षता और 500 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व संग्रह का लक्ष्य रखा है ।
6. Billing system के लिए सरकार की बड़ी योजनाएं
Billing system को और मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार कई बड़ी योजनाओं पर काम कर रही है। केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने झारखंड सरकार को बिजली वितरण कंपनी के कर्ज को पुनर्गठित करने और उच्च पारेषण नुकसान को कम करने का निर्देश दिया है । झारखंड का एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल लॉस 24 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 15 प्रतिशत से काफी अधिक है ।
सरकार का लक्ष्य है कि सभी वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए 100 प्रतिशत स्मार्ट मीटर स्थापना अगस्त 2026 तक पूरी की जाए, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी प्रक्रिया तेज की जाए । इसके अलावा, DVC और JBVNL के बीच एक संयुक्त उद्यम बनाने का निर्णय लिया गया है, जो DVC-आपूर्ति वाले क्षेत्रों में वितरण नेटवर्क का व्यापक अध्ययन करेगा । ये कदम Billing system को और अधिक कुशल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण होंगे।
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