उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की तस्वीर और नाम का इस्तेमाल कर भेजे जा रहे संदिग्ध मैसेज, पैसे और निजी जानकारी मांगने पर सतर्क रहने की अपील

गढ़वा में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने जिले के उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा के नाम और आधिकारिक तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी WhatsApp अकाउंट बना लिया है। इस अकाउंट के जरिए अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों को मैसेज भेजे जा रहे हैं।जानकारी के मुताबिक,
फर्जी WhatsApp प्रोफाइल में उपायुक्त का नाम और फोटो लगाकर एक नया नंबर सक्रिय किया गया है। इसके जरिए लोगों से वित्तीय मदद और गोपनीय जानकारी मांगे जाने की बात सामने आई है। मामला संज्ञान में आने के बाद जिला प्रशासन ने लोगों को सावधान रहने की अपील की है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपायुक्त की ओर से किसी अनजान नंबर से इस तरह के मैसेज नहीं भेजे जा रहे हैं। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति को DC गढ़वा के नाम से संदिग्ध संदेश मिले या पैसों की मांग की जाए, तो उस पर किसी भी स्थिति में भरोसा न करें।जिला प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे कोई वित्तीय लेनदेन न करें और OTP, बैंक डिटेल, पासवर्ड या अन्य निजी जानकारी साझा न करें। संदिग्ध मैसेज मिलने पर तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल को इसकी सूचना देने की अपील की गई है।
प्रारंभिक तौर पर मामला साइबर ठगी के साथ-साथ प्रशासन की छवि खराब करने की कोशिश से जुड़ा माना जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग को सूचना दे दी गई है।वहीं, पुलिस फर्जी WhatsApp नंबर को ट्रैक करने और इसके पीछे सक्रिय साइबर अपराधियों की पहचान में जुट गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी अधिकारी या सरकारी पदाधिकारी के नाम से आने वाले संदिग्ध WhatsApp मैसेज की पहले पुष्टि करें और बिना सत्यापन के कोई भुगतान न करें।

