JPSC Protest: झारखंड विधानसभा के बाहर छात्रों का प्रदर्शन, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह बोलीं- सरकार मांगों को लेकर गंभीर

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विधानसभा घेराव के दौरान गेट नंबर-1 के पास बढ़ा तनाव, बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन में शामिल; सरकार का दावा- छात्रों की 98 फीसदी मांगें मानी गईं

रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के बीच सोमवार को JPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा के बाहर जुटे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों के विधानसभा घेराव के कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

विधानसभा के गेट नंबर-1 के पास छात्रों की भीड़ बढ़ने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और बैरिकेडिंग भी की गई है। पुलिस और प्रशासन लगातार पूरे इलाके की निगरानी कर रहे हैं।

इस बीच झारखंड सरकार की ओर से भी छात्रों के आंदोलन को लेकर बयान सामने आया है। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान छात्रों के मुद्दों पर चर्चा हुई है और सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर है।

मंत्री ने कहा कि छात्रों का आंदोलन पहले से निर्धारित था। सरकार की ओर से आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत करने की कोशिश भी की गई, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया और पुलिस की ओर से लाठीचार्ज भी नहीं किया गया।

सरकार और छात्रों के बीच तीन दौर की बातचीत

जानकारी के मुताबिक, आंदोलन से पहले छात्रों के अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों के साथ सरकार की तीन दौर की बातचीत हो चुकी है। रविवार को करीब पांच घंटे तक मैराथन बैठक चली, लेकिन किसी अंतिम सहमति पर नहीं पहुंचा जा सका।

इसके बाद छात्रों ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को विधानसभा घेराव का फैसला किया। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी विधानसभा परिसर के आसपास पहुंच गए।

वहीं, सरकार का दावा है कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगों को मान लिया गया है, जबकि प्रदर्शनकारी बाकी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं।

फिलहाल विधानसभा परिसर की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन की नजर प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर बनी हुई है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

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