Videshi Mudra Bhandar में 10.5 अरब डॉलर की छलांग, 692.8 अरब डॉलर पर पहुंचा, जानें वजह
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार Foreign exchange reserves में एक सप्ताह के भीतर बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक RBI के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई को समाप्त सप्ताह में देश का Foreign exchange reserves 10.512 अरब डॉलर बढ़कर 692.866 अरब डॉलर हो गया । यह जनवरी के अंत के बाद Foreign exchange reserves में सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़ोतरी है।
विषय सूची
- Foreign exchange reserves में 10.5 अरब डॉलर की बढ़ोतरी
- Foreign currency assets में 8.75 अरब डॉलर का इजाफा
- गोल्ड रिजर्व में भी आई तेजी
- Foreign exchange reserves में उछाल की मुख्य वजहें
- RBI की डॉलर खरीदारी और रुपये पर असर
- Foreign exchange reserves का ऐतिहासिक रिकॉर्ड और वर्तमान स्थिति
- FCNR(B) योजना से विदेशी मुद्रा प्रवाह
1. Foreign exchange reserves में 10.5 अरब डॉलर की बढ़ोतरी
भारत के Foreign exchange reserves में एक सप्ताह के भीतर 10.5 अरब डॉलर से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। RBI के अनुसार, 31 जुलाई 2026 को समाप्त सप्ताह में Foreign exchange reserves 10.512 अरब डॉलर बढ़कर 692.866 अरब डॉलर पर पहुंच गया । इससे पहले 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह में भी Foreign exchange reserves में 6.118 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी ।
Foreign exchange reserves में लगातार दूसरे सप्ताह हुई इस वृद्धि ने देश के विदेशी मुद्रा भंडार को और मजबूती दी है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस बढ़ोतरी में RBI की सक्रिय डॉलर खरीदारी और विदेशी मुद्राओं के मूल्य में आए उतार-चढ़ाव से हुए रीवैल्यूएशन गेन का बड़ा योगदान रहा है ।
2. Foreign currency assets में 8.75 अरब डॉलर का इजाफा
Foreign exchange reserves के सबसे बड़े घटक Foreign Currency Assets FCA में 8.750 अरब डॉलर की वृद्धि हुई और इसका कुल मूल्य बढ़कर 564.680 अरब डॉलर हो गया । FCA में डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी अन्य प्रमुख मुद्राएं शामिल होती हैं।
RBI के आंकड़ों के अनुसार, FCA में यह बढ़ोतरी दो कारणों से हुई। पहला, RBI द्वारा लगभग 4.1 अरब डॉलर की शुद्ध खरीदारी और दूसरा, डॉलर के कमजोर पड़ने के कारण अन्य मुद्राओं के मूल्य में आए रीवैल्यूएशन गेन । Foreign exchange reserves में यह मजबूती RBI की सक्रिय नीति को दर्शाती है।
3. गोल्ड रिजर्व में भी आई तेजी
Foreign exchange reserves का एक अन्य महत्वपूर्ण घटक गोल्ड रिजर्व भी इस सप्ताह मजबूत हुआ है। RBI के अनुसार, भारत के स्वर्ण भंडार के मूल्य में 1.685 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 104.743 अरब डॉलर पर पहुंच गया ।
यह ध्यान देने योग्य है कि भारत का भौतिक स्वर्ण भंडार 880.52 मीट्रिक टन पर स्थिर है । RBI ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि मीडिया में आई उन रिपोर्टों में कोई सच्चाई नहीं है जिनमें कहा गया था कि RBI ने अपने स्वर्ण भंडार की बिक्री की है । RBI के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 16.85 प्रतिशत हो गई है, जो सितंबर 2025 में 13.92 प्रतिशत थी ।
4. Foreign exchange reserves में उछाल की मुख्य वजहें
Foreign exchange reserves में इस बड़ी उछाल के पीछे कई कारण हैं :
पहला, RBI द्वारा लगातार डॉलर की खरीदारी की जा रही है। मार्केट पार्टिसिपेंट्स के अनुसार, RBI ने अगस्त माह के दौरान भी डॉलर खरीदना जारी रखा है, जिससे Foreign exchange reserves में मजबूती आई है ।
दूसरा, वैश्विक स्तर पर डॉलर के कमजोर पड़ने के कारण RBI के पास मौजूद अन्य मुद्राओं का मूल्य बढ़ा है, जिससे Foreign exchange reserves में रीवैल्यूएशन गेन हुआ है ।
तीसरा, सोने की बढ़ती वैश्विक कीमतों के कारण गोल्ड रिजर्व का मूल्य भी बढ़ा है। RBI के वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, Banking Department के पास मौजूद सोने के मूल्य में सालाना आधार पर 63.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है ।
5. RBI की डॉलर खरीदारी और रुपये पर असर
Foreign exchange reserves में इस उछाल के बावजूद, RBI ने रुपये में अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग करना जारी रखा है । RBI का कहना है कि वह रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए Foreign exchange reserves का सक्रिय रूप से उपयोग करता है ।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि RBI को मिली कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह का केवल आधा हिस्सा ही वास्तविक डॉलर खरीदारी में तब्दील हुआ है, क्योंकि RBI अपनी मौजूदा फॉरवर्ड पोजीशन को परिपक्व होने दे रहा है और स्पॉट मार्केट में डॉलर बेचकर रुपये की गिरावट को रोक रहा है ।
6. Foreign exchange reserves का ऐतिहासिक रिकॉर्ड और वर्तमान स्थिति
भारत का Foreign exchange reserves फरवरी 2026 में 728.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था । हालांकि, पश्चिम एशिया संघर्ष की शुरुआत के बाद Foreign exchange reserves में कई हफ्तों तक गिरावट आई थी, क्योंकि RBI को रुपये पर दबाव कम करने के लिए डॉलर की बिक्री करनी पड़ी थी ।
31 जुलाई 2026 को Foreign exchange reserves 692.866 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जो रिकॉर्ड स्तर के काफी करीब है। यह वृद्धि दर्शाती है कि RBI की नीतियों का सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और देश का Foreign exchange reserves फिर से मजबूत हो रहा है।
7. FCNR(B) योजना से विदेशी मुद्रा प्रवाह
सरकार और RBI ने पिछले महीने देश में अधिक विदेशी मुद्रा प्रवाह को आकर्षित करने के लिए कई उपाय शुरू किए थे, जिसमें FCNR(B) योजना भी शामिल थी । रिपोर्टों के अनुसार, देश को इन योजनाओं के तहत अब तक 32 अरब डॉलर प्राप्त हुए हैं ।
इसके अलावा, 31 जुलाई 2026 तक FCNR(B), ECB और OFCB के माध्यम से कुल प्रवाह लगभग 40.8 अरब डॉलर रहा । हालांकि, स्वैप प्रक्रिया में समय अंतर के कारण इनमें से आधे प्रवाह ही वास्तविक डॉलर खरीदारी में तब्दील हुए हैं, लेकिन आने वाले हफ्तों में Foreign exchange reserves को और मजबूती मिलने की उम्मीद है ।
Foreign exchange reserves में यह मजबूत वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह देश की बाहरी चुनौतियों का सामना करने की क्षमता को दर्शाता है और रुपये की स्थिरता में योगदान देता है। RBI की सक्रिय नीतियों और बढ़ते विदेशी मुद्रा प्रवाह के कारण Foreign exchange reserves आने वाले समय में और मजबूत होने की संभावना है ।


