Martyr Nirmal Mahto:को सीएम हेमंत सोरेन ने दी श्रद्धांजलि, बोले- झारखंड हमेशा रखेगा याद

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Martyr Nirmal Mahto को सीएम हेमंत सोरेन ने दी श्रद्धांजलि, बोले- झारखंड हमेशा रखेगा याद

Martyr Nirmal Mahto को उनके शहादत दिवस पर पूरे झारखंड ने याद किया। झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल Martyr Nirmal Mahto की 39वीं पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जमशेदपुर के कदमा स्थित उलियान समाधि स्थल पहुंचे और पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर हजारों लोग पारंपरिक वेशभूषा में उमड़े और Martyr Nirmal Mahto को नमन किया।


विषय सूची

  1. Martyr Nirmal Mahto की 39वीं पुण्यतिथि पर भव्य आयोजन
  2. सीएम हेमंत सोरेन ने कहा- सूरज-चांद रहेगा तब तक अमर रहेगा नाम
  3. Martyr Nirmal Mahto का झारखंड आंदोलन में योगदान
  4. उलियान में पारंपरिक अंदाज में पहुंचे लोग
  5. Martyr Nirmal Mahto की विरासत और झारखंड का भविष्य

1. Martyr Nirmal Mahto की 39वीं पुण्यतिथि पर भव्य आयोजन

Martyr Nirmal Mahto की 39वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को जमशेदपुर के कदमा स्थित उलियान समाधि स्थल पर भव्य आयोजन हुआ । Martyr Nirmal Mahto की याद में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने Martyr Nirmal Mahto की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी 

इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ उनकी पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद थीं । Martyr Nirmal Mahto के परिवार के सदस्यों, झारखंड आंदोलन के पुराने कार्यकर्ताओं और कोल्हान क्षेत्र के लगभग सभी विधायकों ने इस अवसर पर उपस्थित होकर Martyr Nirmal Mahto को श्रद्धांजलि अर्पित की 

Martyr Nirmal Mahto की पुण्यतिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम में पूरा परिसर शहीद निर्मल महतो अमर रहें के नारों से गूंज उठा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम को लेकर लोगों में अपार उत्साह था और सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग उलियान पहुंचने लगे थे।

2. सीएम हेमंत सोरेन ने कहा- सूरज-चांद रहेगा तब तक अमर रहेगा नाम

Martyr Nirmal Mahto को श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जब तक सूरज-चांद रहेगा, तब तक Martyr Nirmal Mahto का नाम अमर रहेगा । उन्होंने कहा कि झारखंड वीरों और आंदोलनकारियों की धरती है और अलग राज्य के निर्माण के लिए कई लोगों ने लंबा संघर्ष किया और अपना बलिदान दिया।

सीएम ने Martyr Nirmal Mahto के संघर्ष और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि Martyr Nirmal Mahto ने झारखंड आंदोलन को मजबूत करने के लिए अथक प्रयास किए । उन्होंने कहा कि Martyr Nirmal Mahto का योगदान झारखंड के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि Martyr Nirmal Mahto के आदर्शों और विचारों को अपनाकर झारखंड लगातार आगे बढ़ रहा है । उन्होंने कहा कि राज्य के युवा Martyr Nirmal Mahto को अपना मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत मानते हैं और हर युवा उन पर गर्व करता है।

3. Martyr Nirmal Mahto का झारखंड आंदोलन में योगदान

Martyr Nirmal Mahto झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापकों में से एक थे और झारखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल थे । वे ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के भी संस्थापक थे और उन्होंने झारखंड राज्य के लिए चल रहे आंदोलन को नई दिशा दी 

8 अगस्त 1987 को जमशेदपुर के चमारिया गेस्ट हाउस के बाहर अज्ञात हमलावरों ने Martyr Nirmal Mahto की गोली मारकर हत्या कर दी थी । उस समय वे मात्र 36 वर्ष के थे । उनकी मृत्यु के बाद झारखंड आंदोलन को अभूतपूर्व गति मिली और अंततः 2000 में झारखंड राज्य का निर्माण हुआ 

Martyr Nirmal Mahto ने सीमित संसाधनों के साथ झारखंड के निर्माण के लिए संघर्ष किया । उन्होंने 1986 में ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन का गठन किया, जिसने आंदोलन को जन-आधार प्रदान किया । उनका सपना था कि झारखंड के आदिवासी और बहुजन समाज को उनका अधिकार और पहचान मिले।

4. उलियान में पारंपरिक अंदाज में पहुंचे लोग

Martyr Nirmal Mahto की शहादत दिवस पर जिले के विभिन्न ग्रामीण और सुदूर इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक वेशभूषा में जुलूस के साथ उलियान पहुंचे । हाथों में झंडे और बैनर लिए लोगों ने Martyr Nirmal Mahto के सम्मान में नारे लगाए।

ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप के बीच सैकड़ों लोग Martyr Nirmal Mahto के समाधि स्थल पहुंचे और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए । इस दौरान पूरा परिसर शहीद निर्मल महतो अमर रहें के नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने झारखंड आंदोलन में Martyr Nirmal Mahto के योगदान को याद किया और उनके संघर्ष, विचारों तथा आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

Martyr Nirmal Mahto की पुण्यतिथि का यह आयोजन एक सांस्कृतिक उत्सव जैसा लग रहा था। उलियान मैदान में पारंपरिक वाद्ययंत्र, वेशभूषा और स्थानीय व्यंजनों की दुकानें भी लगी थीं, जिसने इस आयोजन को एक जनजातीय मेले का रूप दे दिया था।

5. Martyr Nirmal Mahto की विरासत और झारखंड का भविष्य

Martyr Nirmal Mahto की विरासत आज भी झारखंड के हर कोने में जीवित है। उनके संघर्ष और बलिदान ने झारखंड आंदोलन को एक नई दिशा दी और आज झारखंड एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में है। Martyr Nirmal Mahto के सपनों को साकार करने के लिए झारखंड सरकार प्रतिबद्ध है।

Martyr Nirmal Mahto और शिबू सोरेन को झारखंड आंदोलन के प्रमुख वास्तुकारों में गिना जाता है । उनके आदर्शों को अपनाकर ही झारखंड को आगे बढ़ना है। Martyr Nirmal Mahto ने जिस सामाजिक न्याय और समानता की बात की थी, उसे हासिल करना ही सरकार की प्राथमिकता है।

इस वर्ष Martyr Nirmal Mahto की पुण्यतिथि पर एक खास बात यह भी रही कि झारखंड आंदोलन के दूसरे महानायक शिबू सोरेन का हाल ही में निधन हुआ है, जिससे इस आयोजन में शोक की लकीर भी दिखी । Martyr Nirmal Mahto और शिबू सोरेन दोनों ने मिलकर झारखंड आंदोलन को मजबूत किया था और उनका सपना था कि झारखंड के लोग गर्व से अपनी पहचान बनाए रखें।

Martyr Nirmal Mahto की यह पुण्यतिथि हमें याद दिलाती है कि आजादी और पहचान के लिए कितने लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। Martyr Nirmal Mahto का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा और झारखंड हमेशा अपने वीर सपूतों को याद रखेगा।

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