UPI will remain free: सरकार ने साफ किया, उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों से नहीं लिया जाएगा शुल्क

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UPI will remain free: सरकार ने साफ किया, उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों से नहीं लिया जाएगा शुल्क

डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों और छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI will remain free for consumers और छोटे व्यापारियों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। भारतीय भुगतान परिषद PCI और वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की है, जिससे उन सभी अटकलों पर विराम लग गया है जो भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम में संशोधन के बाद चल रही थीं।


विषय सूची

  1. UPI will remain free: सरकार का स्पष्ट बयान
  2. PSS अधिनियम में संशोधन का क्या मतलब है
  3. UPI will remain free for merchants भी, लेकिन कुछ अपवाद के साथ
  4. MDR क्या है और किस पर लागू हो सकता है
  5. UPI will remain free: क्यों उठा था शुल्क को लेकर विवाद
  6. UPI का भविष्य और निवेश की जरूरत

1. UPI will remain free: सरकार का स्पष्ट बयान

वित्त मंत्रालय ने 8 अगस्त 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी कर साफ कहा कि UPI will remain free for consumers । इस बयान में कहा गया कि उपभोक्ताओं को UPI भुगतान करने पर कोई लेनदेन शुल्क नहीं देना होगा और सभी व्यक्ति-से-व्यक्ति P2P लेनदेन भी मुफ्त रहेंगे 

बयान में आगे कहा गया कि UPI will remain free for the vast majority of merchant transactions भी। हालांकि, अगर भविष्य में मर्चेंट डिस्काउंट रेट MDR लागू किया जाता है तो वह केवल एक सीमित श्रेणी के व्यापारियों पर, एक निश्चित सीमा से अधिक के लेनदेन पर और बहुत कम दर पर लागू होगा 

इस स्पष्टीकरण से UPI will remain free for consumers and small merchants बात पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। भारतीय भुगतान परिषद PCI ने भी इस बात की पुष्टि की कि किराना दुकानों सहित छोटे व्यापारियों को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा 

2. PSS अधिनियम में संशोधन का क्या मतलब है

इस पूरे विवाद की जड़ भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम PSS Act, 2007 में किए गए संशोधन में है। लोकसभा ने 5 अगस्त 2026 को कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया, जिसमें PSS अधिनियम की धारा 10A में संशोधन का प्रस्ताव है 

इस संशोधन के तहत आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 269SU के संदर्भ को हटाकर केंद्र सरकार को अधिकार दिया गया है कि वह अधिसूचना के माध्यम से उन इलेक्ट्रॉनिक भुगतान मोड को निर्धारित करेगी जिन पर MDR लागू हो सकता है । हालांकि, यह संशोधन अपने आप में कोई शुल्क नहीं लगाता है, बल्कि यह सिर्फ एक सक्षम प्रावधान है 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि यह संशोधन UPI पर शुल्क लगाने के लिए नहीं है, बल्कि UPI will remain free for consumers सुनिश्चित करने के साथ-साथ डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए जरूरी कदम है 

3. UPI will remain free for merchants भी, लेकिन कुछ अपवाद के साथ

सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI will remain free for the vast majority of merchants । हालांकि, भविष्य में MDR केवल एक सीमित श्रेणी के व्यापारिक लेनदेन पर, एक निश्चित सीमा से अधिक के भुगतान पर और नाममात्र दर पर लागू हो सकता है 

यह MDR डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर लागू होने वाली दरों से काफी कम होगा । UPI will remain free for small merchants जैसे किराना दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे कारोबारी । PCI ने स्पष्ट किया है कि UPI will remain free for kirana stores and small businesses 

यदि MDR लागू होता है तो यह केवल बड़े व्यापारियों पर लागू होगा, जिनका वार्षिक कारोबार एक निश्चित सीमा से अधिक है । UPI and Services Steering Committee, जिसकी अध्यक्षता NPCI करेगी, इस बारे में अंतिम निर्णय लेगी 

4. MDR क्या है और किस पर लागू हो सकता है

MDR Merchant Discount Rate एक ऐसा शुल्क है जो व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं को देता है । यह शुल्क भुगतान प्रसंस्करण, सुरक्षा, और बुनियादी ढांचे को बनाए रखने के लिए लिया जाता है।

अभी UPI पर MDR शून्य है, जो जनवरी 2020 से लागू है । इसका मतलब है कि व्यापारियों को UPI भुगतान स्वीकार करने पर कोई शुल्क नहीं देना पड़ता। लेकिन जैसे-जैसे UPI लेनदेन की संख्या बढ़ रही है, बैंकों और भुगतान कंपनियों को इस बुनियादी ढांचे को बनाए रखने के लिए निवेश की जरूरत है 

सरकार का कहना है कि भविष्य में MDR सिर्फ उन्हीं व्यापारियों पर लागू होगा, जिनका कारोबार एक निश्चित सीमा से अधिक है । UPI will remain free for small merchants with turnover below the threshold । PCI ने पहले ही प्रस्ताव दिया था कि बड़े व्यापारियों पर 0.3% की दर से MDR लगाया जा सकता है 

5. UPI will remain free: क्यों उठा था शुल्क को लेकर विवाद

PSS अधिनियम में संशोधन के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि इससे UPI पर शुल्क लगाने का रास्ता खुल गया है । उन्होंने दावा किया कि यह संशोधन उस कानूनी गारंटी को हटा देता है जो अब तक UPI लेनदेन को मुफ्त रखती थी 

हालांकि, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि UPI will remain free for consumers । उन्होंने कहा कि MDR व्यापारियों पर लागू होता है, ग्राहकों पर नहीं 

वित्त मंत्रालय ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह सुझाव दिया गया कि बाहरी प्रभाव नीति परिवर्तनों को प्रेरित कर रहे हैं, जो पूरी तरह से निराधार, गलत और भ्रामक है । सरकार ने कहा कि UPI will remain free for citizens and this amendment is only an enabling provision 

6. UPI का भविष्य और निवेश की जरूरत

UPI will remain free for consumers, but the system needs sustainable revenue model । जुलाई 2026 में UPI ने 2,366 करोड़ लेनदेन प्रोसेस किए, जिनका कुल मूल्य ₹29.9 लाख करोड़ था । यह दुनिया की सबसे बड़ी रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली बन गई है 

इस विशाल पैमाने को बनाए रखने के लिए लगातार निवेश की जरूरत है, खासकर साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकथाम और बुनियादी ढांचे में । UPI will remain free for consumers लेकिन बड़े व्यापारियों पर MDR लागू होने से बैंकों और भुगतान कंपनियों को राजस्व मिलेगा, जिसका उपयोग वे इस बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में कर सकेंगे 

सरकार ने कहा कि सब्सिडी पर निर्भरता UPI के अगले चरण के विकास के लिए टिकाऊ नहीं है । इसलिए, एक संतुलित ढांचे की जरूरत है ताकि UPI will remain free for consumers और साथ ही सिस्टम मजबूत, समावेशी और भविष्य-तैयार बना रहे 

वित्त मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे वित्त मंत्रालय, RBI और NPCI की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अप्रमाणित संदेशों को आगे न भेजें । सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि UPI will remain free for consumers, and any future MDR would be nominal and only applicable to a limited set of merchant transactions 

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