
झारखंड के हर बूथ पर 10 अक्टूबर को लगेगा मेगा हेल्प डेस्क, SIR में छूटे मतदाताओं का जुड़ेगा नाम
Mega Help Desks at Every Jharkhand Polling Booth on October 10 to Enrol Voters Left Out During SIR
नो-मैपिंग, दस्तावेज की कमी और मतदाता सूची की त्रुटियों से जुड़े मामलों में मिलेगी सहायता; बुजुर्गों, दिव्यांगों, प्रवासियों और ट्रांसजेंडर मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था
रांची: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूची से छूटे और आवश्यक दस्तावेज के अभाव में अटके मतदाताओं को बड़ी राहत मिलने वाली है। राज्यभर के सभी मतदान केंद्रों पर 10 अक्टूबर को मेगा हेल्प डेस्क कैंप लगाया जाएगा। यहां पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने, त्रुटियों में सुधार कराने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने में सहायता दी जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को शिविर की तैयारी पूरी करने का निर्देश दिया है। कैंप में नो-मैपिंग और अन्य त्रुटियों वाले मामलों के साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं, ड्राफ्ट मतदाता सूची से छूटे प्रवासी मतदाताओं तथा नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन चाहने वाले लोगों की मदद की जाएगी।
दस्तावेज नहीं होने पर भी मिलेगा अवसर
जिन मतदाताओं के पास अपना नाम, जन्मस्थान अथवा माता-पिता के भारत में जन्मस्थान से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पात्र युवाओं और छूटे मतदाताओं से फॉर्म-6 भरवाया जाएगा। मतदाता सूची में नाम, पता अथवा अन्य विवरण गलत होने पर फॉर्म-8 के माध्यम से सुधार कराया जाएगा।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रक्रिया आसान
60 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे बुजुर्ग, जिनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं, उनके वयस्क बच्चों द्वारा सादे कागज पर दिए गए घोषणा-पत्र के आधार पर फॉर्म-6 स्वीकार किया जा सकता है। वृद्ध, बीमार, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर मतदाताओं की सहायता के लिए स्वयंसेवकों को भी लगाया जाएगा।
ट्रांसजेंडर मतदाताओं के लिए विशेष प्रावधान
ट्रांसजेंडर समुदाय के पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी प्रमाणपत्र या पहचानपत्र के आधार पर सत्यापन किया जाएगा। दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में गुरु द्वारा दिए गए घोषणा-पत्र के आधार पर आवेदन पर विचार किया जा सकेगा।
वृद्धाश्रम और शक्ति सदन तक पहुंचेंगे बीएलओ
वृद्धाश्रम में रहने वाले निराश्रित बुजुर्गों के लिए वृद्धाश्रम या संबंधित गैर-सरकारी संस्था का प्रमाणपत्र मान्य होगा, जिस पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी का प्रतिहस्ताक्षर आवश्यक होगा। ऐसे बुजुर्ग वृद्धाश्रम के पते पर मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकेंगे।
इसी प्रकार शक्ति सदनों में रहने वाली निराश्रित महिलाओं के सत्यापन के लिए बीएलओ स्वयं संबंधित स्थल पर पहुंचेंगे। आवश्यक दस्तावेज नहीं होने पर शक्ति सदन या संबंधित संस्था के प्रमाणपत्र के आधार पर नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
निर्वाचन कार्यालय ने पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे 10 अक्टूबर को अपने मतदान केंद्र पर आयोजित मेगा हेल्प डेस्क कैंप में पहुंचकर मतदाता सूची से संबंधित समस्याओं का समाधान कराएं।




