UPI Par MDR Lagega ग्राहकों से नहीं कटेगा पैसा, जानें किसे देना पड़ सकता है शुल्क
UPI से डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों लोगों के लिए राहत की खबर है। फिलहाल UPI के जरिए भुगतान करने वाले ग्राहकों से किसी तरह का ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लिया जाएगा। MDR to be levied on UPI को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में MDR to be levied on UPI होता भी है, तो इसका बोझ आम ग्राहक पर नहीं बल्कि तय श्रेणी के मर्चेंट पर पड़ सकता है।
विषय सूची
- MDR to be levied on UPI? सरकार ने दी सफाई
- क्या है MDR और UPI पर क्यों हो रही चर्चा
- MDR to be levied on UPI तो किसे देना होगा शुल्क
- MDR to be levied on UPI: क्या होगी दर और सीमा
- P2P ट्रांजैक्शन पर MDR to be levied on UPI क्या लागू होगा
- MDR to be levied on UPI पर NPCI की समिति लेगी फैसला
- MDR to be levied on UPI की चर्चा क्यों
1. MDR to be levied on UPI? सरकार ने दी सफाई
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों पर कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लगाया जाएगा । सरकार ने कहा कि MDR to be levied on UPI केवल एक सीमित श्रेणी के मर्चेंट लेनदेन पर, एक निश्चित सीमा से अधिक की राशि पर और नाममात्र की दर से लागू हो सकता है । MDR to be levied on UPI की यह दर डेबिट या क्रेडिट कार्ड की MDR दरों से काफी कम होगी ।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि MDR to be levied on UPI के बारे में फैसला संसद द्वारा कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 पारित करने के बाद NPCI के नेतृत्व वाली UPI एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी द्वारा लिया जाएगा ।
2. क्या है MDR और UPI पर क्यों हो रही चर्चा
MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट एक ऐसा शुल्क है जो व्यापारी अपने ग्राहकों द्वारा डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं को देता है । यह शुल्क भुगतान प्रसंस्करण, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को बनाए रखने के लिए लिया जाता है।
जनवरी 2020 से UPI पर MDR शून्य है, जिसका मतलब है कि व्यापारियों को UPI भुगतान स्वीकार करने पर कोई शुल्क नहीं देना पड़ता । लेकिन जैसे-जैसे UPI लेनदेन की संख्या बढ़ रही है, बैंकों और भुगतान कंपनियों को इस बुनियादी ढांचे को बनाए रखने के लिए निवेश की जरूरत है ।
जुलाई 2026 में UPI ने रिकॉर्ड 2,366 करोड़ लेनदेन प्रोसेस किए, जिनका कुल मूल्य ₹29.9 लाख करोड़ रहा । इस विशाल पैमाने को बनाए रखने के लिए साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकथाम और बुनियादी ढांचे में निरंतर निवेश की जरूरत है ।
3. MDR to be levied on UPI तो किसे देना होगा शुल्क
MDR to be levied on UPI होने की स्थिति में शुल्क का भुगतान पात्र मर्चेंट्स को करना होगा, न कि ग्राहकों को । सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR to be levied on UPI केवल एक सीमित श्रेणी के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा ।
मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर भी MDR to be levied on UPI केवल एक निश्चित सीमा से अधिक राशि पर ही लागू होगा । छोटे व्यापारियों और किराना दुकानों को MDR to be levied on UPI से छूट मिलेगी । भुगतान परिषद ऑफ इंडिया PCI ने स्पष्ट किया है कि छोटे दुकानदारों से UPI भुगतान स्वीकार करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा ।
4. MDR to be levied on UPI: क्या होगी दर और सीमा
हालांकि अभी MDR to be levied on UPI की कोई आधिकारिक दर या सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन चर्चा में कुछ संभावित आंकड़े सामने आए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, MDR to be levied on UPI के लिए ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट लेनदेन पर विचार किया जा रहा है । ₹2,000 से अधिक के लेनदेन UPI की कुल मात्रा का केवल 4 प्रतिशत हैं, लेकिन कुल मूल्य का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं का है ।
MDR to be levied on UPI की दर 0.25 प्रतिशत से 0.40 प्रतिशत के बीच हो सकती है । ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन के अनुसार, MDR to be levied on UPI के लिए 30-40 बेसिस प्वाइंट्स (0.30%-0.40%) की दर सबसे संभावित है । यह दर डेबिट कार्ड की 0.25-1 प्रतिशत और क्रेडिट कार्ड की 1-3 प्रतिशत की MDR दर से काफी कम होगी ।
5. P2P ट्रांजैक्शन पर MDR to be levied on UPI क्या लागू होगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पर्सन-टू-पर्सन P2P ट्रांजैक्शन पर MDR to be levied on UPI नहीं होगा । इसका मतलब है कि दोस्तों, रिश्तेदारों या किसी अन्य व्यक्ति को UPI के जरिए पैसे भेजने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा।
MDR to be levied on UPI का दायरा सिर्फ मर्चेंट ट्रांजैक्शन तक सीमित होगा। आम ग्राहकों के लिए UPI इस्तेमाल करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं होगा। रोजमर्रा के छोटे मर्चेंट पेमेंट पर भी फिलहाल ग्राहक से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा।
6. MDR to be levied on UPI पर NPCI की समिति लेगी फैसला
MDR to be levied on UPI के बारे में अंतिम फैसला UPI एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी द्वारा लिया जाएगा । यह कमेटी NPCI के नेतृत्व में काम करेगी और संसद द्वारा विधेयक पारित होने के बाद ही MDR to be levied on UPI पर विचार करेगी ।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि MDR to be levied on UPI के बारे में फैसला लेने से पहले कमेटी सभी पहलुओं पर विचार करेगी । RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी कहा है कि MDR to be levied on UPI पर बात करना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि सरकार अभी संशोधन प्रक्रिया में है ।
7. MDR to be levied on UPI की चर्चा क्यों
MDR to be levied on UPI की चर्चा UPI इकोसिस्टम की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए हो रही है। कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 का उद्देश्य भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 10A में संशोधन करना है, ताकि सरकार को भविष्य में MDR to be levied on UPI के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने का अधिकार मिल सके ।
MDR to be levied on UPI के लिए यह बदलाव इसलिए जरूरी है क्योंकि:
- UPI को निरंतर निवेश की जरूरत है, खासकर साइबर सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में ।
- सब्सिडी पर निर्भरता UPI के अगले चरण के विकास के लिए टिकाऊ नहीं है ।
- MDR to be levied on UPI से भुगतान क्षेत्र में निजी कंपनियों के प्रवेश को प्रोत्साहन मिलेगा ।
सरकार ने इस बात से भी इनकार किया है कि MDR to be levied on UPI पर अमेरिकी दबाव है । वित्त मंत्रालय ने कहा कि यदि बाहरी दबाव होता तो सरकार 2016 में UPI नहीं लाती या 2020 से इसे मुफ्त नहीं करती । MDR to be levied on UPI का यह प्रस्ताव सरकार के इस व्यापक उद्देश्य को दिखाता है कि भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली सतत, प्रतिस्पर्धी और देश की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था की सेवा करने में सक्षम बनी रहे ।
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