
रांची के तुपुदाना में दिखेगा ‘स्वर्ग-नर्क द्वार’ का नजारा, 55 फीट ऊंचे पंडाल में विराजेंगी मां दुर्गा
बंगाल के कारीगर तैयार कर रहे काल्पनिक थीम वाला पंडाल, 15 लाख रुपये के बजट में होगी भव्य लाइटिंग, झूला और मीना बाजार भी रहेगा आकर्षण

रांची। राजधानी रांची के तुपुदाना में इस बार दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को काल्पनिक स्वर्ग और नर्क द्वार की थीम देखने को मिलेगी। श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति, तुपुदाना की ओर से तैयार कराया जा रहा यह पंडाल करीब 55 फीट ऊंचा और 40 फीट चौड़ा होगा। पंडाल का निर्माण बंगाल से आए कारीगर कर रहे हैं।
पंडाल के बाहर दिखेंगे आकर्षक स्वरूप
पंडाल की बाहरी सजावट को खास बनाने के लिए भैंसा, राक्षस समेत कई अलग-अलग स्वरूप तैयार किए जा रहे हैं। वहीं, पंडाल के अंदर मां दुर्गा का भव्य दरबार सजाया जाएगा, जहां बड़ी प्रतिमा स्थापित होगी।
पंडाल के साथ आकर्षक लाइटिंग और विद्युत सज्जा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा बिजली से चलने वाले पांच बड़े गेट बनाए जा रहे हैं। इन गेटों पर भगवान के अलग-अलग स्वरूप देखने को मिलेंगे। दोनों ओर मैकेनिकल लाइटिंग भी लगाई जाएगी।
पंडाल से लेकर लाइटिंग तक लाखों का खर्च
समिति के अनुसार, पंडाल के निर्माण पर करीब 5.30 लाख रुपये, मां दुर्गा की प्रतिमा पर 1.50 लाख रुपये और लाइटिंग व विद्युत सज्जा पर करीब 3 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पूरे दुर्गा पूजा आयोजन का अनुमानित बजट करीब 15 लाख रुपये है। पंडाल का उद्घाटन षष्ठी की शाम 7 बजे किया जाएगा। पूजा परिसर में श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए झूला और मीना बाजार भी लगाया जाएगा।
अष्टमी-नवमी को मिलेगा भोग
दुर्गा पूजा के दौरान अष्टमी और नवमी को श्रद्धालुओं के बीच भोग का वितरण किया जाएगा। नवमी के दिन बच्चों के लिए नृत्य प्रतियोगिता के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।
विसर्जन जुलूस में शामिल होंगी सैकड़ों महिलाएं
समिति के अनुसार, 21 तारीख को मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ सैकड़ों महिलाएं भी शामिल होंगी। जुलूस में ताशा समेत कई अन्य आकर्षण देखने को मिलेंगे।
54 वर्षों से हो रही पूजा
श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति, तुपुदाना पिछले 54 वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन करती आ रही है। हर साल पंडाल देखने के लिए तुपुदाना के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार स्वर्ग-नर्क द्वार की थीम श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण रहने वाली है।




