वन विभाग ने स्पष्ट किया कि सभी नियुक्तियां केवल तय सरकारी प्रक्रिया से होती हैं। युवाओं से अपील की गई है कि किसी भी नियुक्ति पत्र की सत्यता जांचे बिना उस पर भरोसा न करें।

रांची: झारखंड में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाकर फर्जी नियुक्ति पत्र बांटने का मामला सामने आया है। वन विभाग ने इसे लेकर राज्यभर में अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में राज्य के अलग-अलग जिलों से ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां युवाओं को वन विभाग के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र दिए गए। जब कुछ अभ्यर्थी इन नियुक्ति पत्रों को लेकर संबंधित कार्यालय पहुंचे, तब जांच में वे पूरी तरह फर्जी पाए गए।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि विभाग में किसी भी प्रकार की नियुक्ति केवल निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत ही की जाती है। किसी भी अभ्यर्थी को सीधे नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जाता और न ही किसी व्यक्ति या एजेंसी के माध्यम से नौकरी देने का कोई प्रावधान है। विभाग ने कहा कि यदि किसी युवक या युवती को वन विभाग के नाम पर नियुक्ति पत्र मिलता है, तो उसकी सत्यता संबंधित वन प्रमंडल कार्यालय या विभाग के अधिकृत माध्यम से अवश्य जांच लें। किसी भी संदिग्ध दस्तावेज या नियुक्ति पत्र पर विश्वास करने से पहले विभाग से पुष्टि करना जरूरी है।
बताया गया कि हाल ही में एक युवक फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर वन विभाग के मुख्यालय पहुंचा था। अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की तो पत्र में कई गंभीर गड़बड़ियां मिलीं। जांच में यह भी सामने आया कि पत्र पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर और नकली कार्यालयीय मुहर का इस्तेमाल किया गया था। वन विभाग ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं, किसी को पैसे न दें और केवल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट तथा अधिकृत सूचना माध्यमों पर ही भरोसा करें। यदि किसी के पास ऐसा फर्जी नियुक्ति पत्र पहुंचे तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित वन कार्यालय या पुलिस को दें, ताकि ऐसे गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।

