शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान। मकरद्वार पर NDA सांसदों ने लगाए ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे, सम्मान में पहनाई पाग।

नई दिल्ली: शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को पहली बार संसद पहुंचे। संसद के मकरद्वार पर एनडीए (NDA) के सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान सांसदों ने ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे लगाए और सम्मान स्वरूप उन्हें पारंपरिक पाग पहनाकर अभिनंदन किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। धर्मेंद्र प्रधान का यह स्वागत ऐसे समय हुआ है जब उनके इस्तीफे को लेकर देशभर में राजनीतिक चर्चा जारी है। संसद परिसर में मौजूद एनडीए सांसदों ने उनके प्रति समर्थन और सम्मान व्यक्त करते हुए उनका अभिनंदन किया।
गौरतलब है कि हाल ही में सीजेपी (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन और नीट पेपर लीक विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इस्तीफे की जानकारी उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की थी। अपने संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि उन्हें भारतीय लोकतंत्र की शक्ति और देश के युवाओं पर हमेशा विश्वास रहा है। उन्होंने लिखा कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माता हैं। पिछले दिनों हुए घटनाक्रम से वे व्यक्तिगत रूप से आहत हुए, लेकिन इसे उन्होंने अपनी प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य का विषय बताया।
उन्होंने यह भी कहा था कि देश में बनी परिस्थितियों का लाभ राष्ट्रविरोधी ताकतें न उठा सकें, देश की एकता बनी रहे और किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे, इसी सोच के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपने का फैसला लिया। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, विश्वास और सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि छात्रों को आंदोलनों के बजाय अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान देना चाहिए, ताकि देश का भविष्य और अधिक मजबूत बन सके।
इधर, संसद में उनकी मौजूदगी और एनडीए सांसदों द्वारा किए गए स्वागत को राजनीतिक हलकों में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में धर्मेंद्र प्रधान की नई भूमिका और जिम्मेदारियां क्या होंगी।

