अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ देशव्यापी अभियान में झारखंड के कई कोलफील्ड क्षेत्रों में छापेमारी, करोड़ों की अवैध गतिविधियों पर कसा शिकंजा।

रांची: झारखंड में अवैध कोयला खनन, कोयला चोरी और अवैध परिवहन के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने बड़ा अभियान चलाते हुए व्यापक कार्रवाई की है। देशभर में संचालित इस विशेष अभियान के दौरान झारखंड के विभिन्न कोलफील्ड क्षेत्रों में छापेमारी कर 277 मीट्रिक टन अवैध कोयला, कई वाहन और आरोपियों को पकड़ा गया है।
सीआईएसएफ के अनुसार, 20 से 26 जुलाई के बीच चलाए गए अभियान में 85 खुफिया आधारित छापेमारी की गई। इस दौरान लगभग 277 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान एक प्राथमिकी दर्ज, पांच आरोपियों को गिरफ्तार और अवैध खनन व परिवहन में इस्तेमाल हो रहे 40 वाहनों को जब्त किया गया।
सीआईएसएफ ने बताया कि यह अभियान खनिज एवं खनन (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) के तहत मिले वैधानिक अधिकारों के आधार पर चलाया गया। अभियान में खुफिया सूचनाओं, तकनीकी निगरानी, फील्ड ऑपरेशन और स्थानीय प्रशासन के सहयोग का प्रभावी उपयोग किया गया।
धनबाद में हुई सबसे बड़ी कार्रवाई
सबसे बड़ी कार्रवाई भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), धनबाद क्षेत्र में हुई। यहां 14 छापेमारी के दौरान 771 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया। इस कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और एक वाहन जब्त किया गया। वहीं ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL), सीतारामपुर क्षेत्र में 51 छापेमारी के दौरान 341 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद हुआ और 34 वाहन जब्त किए गए।
इसके अलावा सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) क्षेत्र में 11 छापेमारी के दौरान 145 मीट्रिक टन, जबकि वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) क्षेत्र में 6 छापेमारी के दौरान 20 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया। यहां एक प्राथमिकी दर्ज कर तीन वाहन भी जब्त किए गए। सीआईएसएफ ने कहा कि देश की बहुमूल्य खनिज संपदा की सुरक्षा, अवैध खनन पर रोक, संगठित कोयला चोरी पर नियंत्रण और कोयला आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के विशेष अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।

