कमजोर छात्रों की कम रुचि, प्रचार-प्रसार की कमी और अंक मानदंड के कारण तीन जिलों में 472 सीटें अब भी रिक्त।

रांची: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना में नामांकन को लेकर चुनौती बनी हुई है। कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए इन विद्यालयों में अब भी बड़ी संख्या में सीटें खाली हैं। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पलामू, एसएसएलएनटी (धनबाद) और कोडरमा के मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में कुल 472 सीटें रिक्त हैं।
जानकारी के मुताबिक, पलामू जिला मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में 196, एसएसएलएनटी स्कूल में 183 और कोडरमा जिला स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में 93 सीटें अभी तक नहीं भर सकी हैं। इन सीटों पर नामांकन के लिए विभाग को दोबारा प्रयास करने पड़ रहे हैं।
शिक्षा विभाग का मानना है कि कम नामांकन के पीछे कई कारण हैं। इनमें विद्यालयों का पर्याप्त प्रचार-प्रसार न होना, ग्रामीण क्षेत्रों तक सही जानकारी का नहीं पहुंचना, निजी स्कूलों की प्रतिस्पर्धा और निर्धारित अंक मानदंड प्रमुख हैं। कई छात्र न्यूनतम अंकों की शर्त पूरी नहीं कर पाने के कारण भी प्रवेश से वंचित रह गए।
विभाग अब शेष सीटों को भरने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी में है। अभिभावकों और विद्यार्थियों तक स्कूलों की सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक लैब, स्मार्ट क्लास और अन्य शैक्षणिक संसाधनों की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

