
झारखंड जैव विविधता बोर्ड में 5 नए गैर-सरकारी सदस्य नियुक्त, सरकार ने जारी की अधिसूचना
तीन साल का होगा कार्यकाल, वनस्पति विज्ञान, वानिकी और पर्यावरण कानून के विशेषज्ञों को मिली जिम्मेदारी

रांची: झारखंड जैव विविधता बोर्ड में अब पांच नए गैर-सरकारी सदस्य अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे. वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. नए सदस्यों का कार्यकाल अधिसूचना जारी होने की तारीख से तीन साल तक रहेगा.
दरअसल, बोर्ड में पहले मनोनीत किए गए पांच गैर-सरकारी सदस्यों का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो गया था. इसके बाद नए सदस्यों के चयन की प्रक्रिया पूरी की गई. मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद विभाग ने नई नियुक्तियों से संबंधित आदेश जारी किया.
इन पांच विशेषज्ञों को मिली जगह
झारखंड जैव विविधता बोर्ड में जिन पांच गैर-सरकारी सदस्यों को शामिल किया गया है, उनमें—
- डॉ. प्रसंजित मुखर्जी — प्रिंसिपल इंचार्ज, महिला महाविद्यालय, गुमला
- डॉ. अमरनाथ सिंह — असिस्टेंट प्रोफेसर, वनस्पति विज्ञान विभाग, एएन कॉलेज, दुमका
- डॉ. आशीष कुमार चक्रवर्ती — एसोसिएट प्रोफेसर-कम-सीनियर साइंटिस्ट, फैकल्टी ऑफ फॉरेस्ट्री, बीएयू, कांके
- डॉ. एमआर श्रीनिवास मूर्ति — प्रोफेसर ऑफ लॉ एवं IPR चेयर प्रोफेसर, NUSRL, रांची
- डॉ. श्यामला कंडादाई — प्रोफेसर ऑफ लॉ, NUSRL, रांची
अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों का अनुभव मिलेगा
नए सदस्यों में शिक्षा, वनस्पति विज्ञान, वानिकी और कानून से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं. ऐसे में बोर्ड को जैव विविधता संरक्षण से जुड़े तकनीकी और कानूनी मामलों में विशेषज्ञ सलाह मिलने की उम्मीद है.
बीएयू के डॉ. आशीष कुमार चक्रवर्ती और एएन कॉलेज, दुमका के डॉ. अमरनाथ सिंह वनस्पति और वानिकी से जुड़े विषयों में अपनी विशेषज्ञता देंगे. वहीं NUSRL के डॉ. एमआर श्रीनिवास मूर्ति और डॉ. श्यामला कंडादाई कानून और बौद्धिक संपदा अधिकार यानी IPR से जुड़े मामलों में बोर्ड को सहयोग करेंगे.
तीन साल तक संभालेंगे जिम्मेदारी
विभागीय आदेश के मुताबिक, पांचों नए सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्षों का होगा. उन्हें राज्य सरकार की ओर से समय-समय पर निर्धारित और स्वीकृत भत्ते भी दिए जाएंगे. इन विशेषज्ञों के शामिल होने के बाद जैव विविधता संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन, जैविक प्रजातियों के दस्तावेजीकरण और पर्यावरण से जुड़े मामलों में बोर्ड के काम को विशेषज्ञता मिलने की उम्मीद है.




