लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर, ग्रामीण इलाकों में आवागमन ठप; सिमरिया-चतरा मार्ग पर कई फीट पानी और कीचड़ से बढ़ी परेशानी

चतरा: झारखंड के चतरा जिले में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बीती रात से जारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गयी है। लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। वहीं, कई जगह मिट्टी से बने मकान भी गिर गये हैं, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गयी है।
बारिश के कारण जिले के नदी-नाले उफान पर हैं और कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। कुंदा प्रखंड के एक दर्जन से ज्यादा गांव टापू में तब्दील हो गये हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण इन गांवों के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण सड़कों की स्थिति भी बारिश के बाद बेहद खराब हो गयी है। कई जगह जलजमाव के साथ सड़क पर कीचड़ जमा है, जिसके कारण पैदल चलना और वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
पत्थलगड्डा प्रखंड में नावाडीह पंचायत से जगन्नाथी जाने वाली सड़क पूरी तरह कीचड़ में बदल गयी है। इस सड़क से जगन्नाथी के अलावा सयानी, गोपेरा और डमौल समेत कई गांवों के लोग आवागमन करते हैं। बारिश के बाद सड़क की स्थिति खराब होने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गयी हैं।
वहीं, सिमरिया-चतरा मुख्य मार्ग पर भी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। हीरो शोरूम से बस स्टैंड और नगवा बाइपास तक कई जगह सड़क पर पानी भर गया है। कुछ स्थानों पर कई फीट तक पानी जमा होने से छोटे वाहन फंस रहे हैं, जबकि बड़े वाहनों को भी काफी सावधानी से गुजरना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिन-रात हाइवा वाहनों के परिचालन से सड़क की स्थिति पहले से ही खराब थी, और अब लगातार बारिश ने परेशानी को और बढ़ा दिया है। लोगों के मुताबिक, सड़क पर समय-समय पर डस्ट डालकर मरम्मत की जाती है, लेकिन बारिश के बाद कुछ ही घंटों में सड़क दोबारा खराब हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। लोगों ने प्रशासन से जलजमाव हटाने और सड़कों की जल्द स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है।
फिलहाल लगातार बारिश को देखते हुए ग्रामीण और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन के स्तर पर भी प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

