रोजमर्रा की जरूरतों वाली चीजों के दाम में बदलाव, झारखंड में चीनी ₹65.71, दूध ₹59.76 और प्याज ₹45.41 प्रति किलो

रांची। सितंबर की शुरुआत आम लोगों के लिए मिली-जुली खबर लेकर आई है। रोजमर्रा की जरूरतों में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजों के दाम घटे हैं, तो कुछ सामान महंगे हुए हैं। उपभोक्ता मामलों के विभाग के 31 अगस्त के दैनिक खुदरा भाव के मुताबिक, चीनी की औसत कीमत में करीब एक रुपये की कमी दर्ज की गयी है। वहीं दूध और सरसों के तेल के दाम बढ़े हैं।
चीनी का औसत भाव 30 अगस्त को 64.23 रुपये प्रति किलो था, जो 31 अगस्त को घटकर 63.28 रुपये प्रति किलो हो गया। दूसरी ओर, दूध की कीमत 59.94 रुपये से बढ़कर 61.11 रुपये प्रति लीटर पहुंच गयी। सरसों के तेल का औसत भाव भी 199.54 रुपये से बढ़कर 201.27 रुपये प्रति किलो हो गया।
अब बात झारखंड की करें तो यहां चीनी 65.71 रुपये किलो, दूध 59.76 रुपये लीटर, आटा 36.53 रुपये किलो और सरसों तेल 165 रुपये किलो मिल रहा है। प्याज का औसत भाव 45.41 रुपये, टमाटर 38.41 रुपये, अरहर दाल 118.29 रुपये, आलू 25.82 रुपये और नमक 17.41 रुपये किलो दर्ज किया गया।
बिहार में चीनी 65.59, दूध 58.92, आटा 34.97 और सरसों तेल 170.41 रुपये किलो है। प्याज 47.89 और टमाटर 40.38 रुपये किलो दर्ज हुआ।
पश्चिम बंगाल में चीनी 63.18 रुपये, दूध 65 रुपये, आटा 40.95 रुपये और सरसों तेल 160.23 रुपये किलो है। यहां प्याज 51.95 रुपये किलो है।
उत्तर प्रदेश में चीनी 63.16 रुपये, दूध 60.61 रुपये और सरसों तेल 159.31 रुपये किलो है, जबकि प्याज का भाव 46.95 रुपये किलो दर्ज किया गया।
ओडिशा में चीनी 57.83 रुपये, दूध 65.13 रुपये और आटा 44.75 रुपये किलो है। यहां प्याज 28.21 और टमाटर 16.43 रुपये किलो दर्ज हुआ।
वहीं छत्तीसगढ़ में चीनी 58.57, दूध 57.57, आटा 38.71 और सरसों तेल 171 रुपये किलो है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में कीमतों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली में चीनी 59 रुपये, दूध 62 रुपये, आटा 93 रुपये और सरसों तेल 198 रुपये किलो दर्ज हुआ। केरल में चीनी 64.77, दूध 58.92 और सरसों तेल 144 रुपये किलो है।
वहीं मिजोरम में चीनी का भाव 82 रुपये और टमाटर 97.73 रुपये किलो तक पहुंच गया है। त्रिपुरा में चीनी 79 रुपये और टमाटर 91 रुपये किलो है। जबकि लद्दाख में चीनी का भाव सबसे ज्यादा 168 रुपये किलो दर्ज किया गया।
कुल मिलाकर सितंबर के पहले दिन चीनी के दाम में राहत मिली है, लेकिन दूध और सरसों तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ सकता है। अलग-अलग राज्यों में कीमतों में अंतर भी काफी बड़ा है, इसलिए आपके शहर में वास्तविक खुदरा भाव स्थानीय बाजार के हिसाब से अलग हो सकते हैं।

