Fake WhatsApp Account: गढ़वा DC के नाम पर फर्जी अकाउंट, ठगी की कोशिश; प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
गढ़वा में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने जिले के उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा के नाम और आधिकारिक तस्वीर का इस्तेमाल कर Fake WhatsApp Account बना लिया है। इस Fake WhatsApp Account के जरिए अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों को संदिग्ध मैसेज भेजे जा रहे हैं और पैसों की मांग की जा रही है। जिला प्रशासन ने इस Fake WhatsApp Account को लेकर लोगों को सतर्क रहने की अपील जारी की है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
Fake WhatsApp Account से किस तरह हो रही ठगी
जानकारी के मुताबिक, Fake WhatsApp Account में उपायुक्त का नाम और फोटो लगाकर एक नया नंबर सक्रिय किया गया है। इस Fake WhatsApp Account के जरिए लोगों से वित्तीय मदद और गोपनीय जानकारी मांगे जाने की बात सामने आई है। मामला संज्ञान में आने के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपायुक्त की ओर से किसी अनजान नंबर से इस तरह के मैसेज नहीं भेजे जा रहे हैं। Fake WhatsApp Account का इस्तेमाल कर ठगों ने कई लोगों को संदेश भेजकर ठगी की कोशिश की है। प्रारंभिक तौर पर मामला साइबर ठगी के साथ-साथ प्रशासन की छवि खराब करने की कोशिश से जुड़ा माना जा रहा है।
झारखंड में Fake WhatsApp Account से ठगी के पिछले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। धनबाद, हजारीबाग और लातेहार जैसे जिलों में भी उपायुक्तों के नाम से Fake WhatsApp Account बनाकर लोगों को ठगने की कोशिश की गई है। इन Fake WhatsApp Account के जरिए साइबर ठग अधिकारियों और आम लोगों को संदेश भेजकर उन्हें भ्रमित करने की कोशिश करते हैं।
Fake WhatsApp Account से बचने के लिए क्या करें
जिला प्रशासन ने Fake WhatsApp Account से बचने के लिए लोगों को कई सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
पहला – अगर किसी व्यक्ति को DC गढ़वा के नाम से संदिग्ध संदेश मिले या पैसों की मांग की जाए, तो उस पर किसी भी स्थिति में भरोसा न करें। Fake WhatsApp Account का इस्तेमाल कर ठग लोगों को आर्थिक मदद के नाम पर ठगने की कोशिश कर रहे हैं।
दूसरा – कोई वित्तीय लेनदेन न करें और OTP, बैंक डिटेल, पासवर्ड या अन्य निजी जानकारी Fake WhatsApp Account पर साझा न करें। साइबर ठग अक्सर वॉट्सऐप पर भेजे गए वेरिफिकेशन कोड का दुरुपयोग कर अकाउंट हैक कर लेते हैं।
तीसरा – Fake WhatsApp Account से संदिग्ध मैसेज मिलने पर तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल को इसकी सूचना देने की अपील की गई है। अगर आप Fake WhatsApp Account का शिकार हो गए हैं तो 24 घंटे के भीतर नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।
Fake WhatsApp Account के पीछे कौन?
पुलिस Fake WhatsApp Account के पीछे सक्रिय साइबर अपराधियों की पहचान में जुट गई है। फर्जी WhatsApp नंबर को ट्रैक करने के प्रयास किए जा रहे हैं। व्हाट्सऐप पर फर्जी अकाउंट बनाने के लिए अक्सर अवैध तरीके से हासिल की गई सिम कार्ड्स का इस्तेमाल किया जाता है। हाल ही में एक मामले में 310 एक्टिव सिम कार्ड्स के साथ एक महिला को गिरफ्तार किया गया था, जो Fake WhatsApp Account का नेटवर्क चला रही थी।
प्रशासन ने साफ किया है कि इस Fake WhatsApp Account मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साइबर अपराधियों के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 66-सी और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।
Fake WhatsApp Account को कैसे पहचानें
Fake WhatsApp Account को पहचानने के कुछ आसान तरीके हैं:
नंबर चेक करें – Fake WhatsApp Account अक्सर विदेशी नंबरों (+66, +84) से बनाए जाते हैं, जबकि आधिकारिक संचार भारतीय नंबरों से होता है।
भाषा और अंदाज – Fake WhatsApp Account से आने वाले संदेशों में भाषा और अंदाज अक्सर अलग होता है। अगर कोई मैसेज अजीब लगे या आपातकालीन स्थिति पैदा कर रहा हो तो सावधान रहें।
पुष्टि करें – Fake WhatsApp Account से किसी भी मांग से पहले उस व्यक्ति को उनके जाने-पहचाने नंबर पर कॉल करके पुष्टि करें।
सरकारी अधिकारियों के Fake WhatsApp Account से बढ़ती चिंता
Fake WhatsApp Account का मामला सिर्फ गढ़वा तक सीमित नहीं है। देश भर में साइबर ठग Fake WhatsApp Account के जरिए प्रशासनिक अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर रहे हैं। गुजरात के वडोदरा कलेक्टर, कर्नाटक के चिक्कमगलुरु डीसी और झारखंड के कई जिलों के डीसी के नाम से Fake WhatsApp Account बनाए गए हैं।
इन Fake WhatsApp Account के जरिए ठग अधिकारियों और आम लोगों को संदेश भेजकर ठगी की कोशिश करते हैं। Fake WhatsApp Account के बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर सेल ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी संदिग्ध Fake WhatsApp Account को तुरंत ब्लॉक करें और उसकी रिपोर्ट करें।
अगर आप Fake WhatsApp Account के शिकार हो जाएं तो क्या करें
अगर आप Fake WhatsApp Account के शिकार हो गए हैं, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
सबसे पहले – अपने WhatsApp अकाउंट पर ‘Settings’ > ‘Linked Devices’ पर जाकर सभी अनजान डिवाइसेज को हटा दें और ‘टू-स्टेप वेरिफिकेशन’ फीचर ऑन करें।
दूसरा – अगर आपने कोई पैसा ट्रांसफर किया है तो तुरंत अपने बैंक की हेल्पलाइन पर कॉल करें और लेनदेन की रिपोर्ट करें।
तीसरा – Fake WhatsApp Account की शिकायत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके या cybercrime.gov.in पोर्टल पर दर्ज कराएं।
इस Fake WhatsApp Account की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सभी नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान Fake WhatsApp Account से पैसे या व्यक्तिगत जानकारी की मांग पर तुरंत संदेह करें और प्रशासन को सूचित करें। साइबर ठगी से बचाव ही सबसे अच्छा उपाय है।
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