विपक्ष ने सरकार से मांगा जवाब, मुख्यमंत्री बोले- छात्रों की आड़ में ताकत दिखाने की कोशिश; हंगामे के बीच तय समय से पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई विधानसभा की कार्यवाही

रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा छाया रहा। विपक्षी विधायकों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और सदन में नारेबाजी करते हुए पूरे मामले पर जवाब की मांग की। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष को ‘परजीवी’ करार देते हुए कहा कि उसका अपना कोई राजनीतिक रस नहीं बचा है और अब वह छात्रों के मुद्दे को सहारा बनाकर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है। विपक्ष के विरोध पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा, “भैंस के सामने बीन बजाने से कोई फायदा नहीं है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष के हंगामे से सरकार के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा और सरकार अपना काम जारी रखेगी।
छात्रों के लाठीचार्ज पर सदन में जोरदार हंगामा
मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायक छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार के खिलाफ मुखर हो गए। विधायकों ने नारेबाजी करते हुए छात्रों पर लाठीचार्ज के मामले में सरकार से जवाब मांगा।
विपक्ष का कहना था कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई गंभीर मामला है। विपक्षी विधायकों ने सरकार से घटना की पूरी जानकारी सदन के सामने रखने और कार्रवाई को लेकर जवाब देने की मांग की। लगातार हंगामे और विरोध के कारण विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित रही।
CM हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर साधा निशाना
विपक्ष के लगातार विरोध के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उसे ‘परजीवी’ बताया।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास अब खुद का कोई राजनीतिक आधार या प्रभाव नहीं बचा है और वह छात्रों की आड़ में अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है। सीएम ने विपक्ष के विरोध को लेकर कहा कि इस तरह के हंगामे से सरकार के कामकाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। सरकार अपने निर्धारित कार्यों को आगे भी जारी रखेगी।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सदन का माहौल और गरमा गया। जहां विपक्ष छात्र आंदोलन और लाठीचार्ज के मुद्दे पर सरकार को घेरता रहा, वहीं मुख्यमंत्री ने इसे विपक्ष की राजनीतिक रणनीति करार दिया।
JPSC-JSSC विवाद के बीच बढ़ा सियासी टकराव
छात्रों पर लाठीचार्ज का मामला ऐसे समय में विधानसभा पहुंचा है, जब झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और अपनी अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है।
ऐसे में छात्रों का मुद्दा अब सड़क से लेकर विधानसभा तक राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
तय समय से पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई कार्यवाही
विधानसभा में जारी हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। विधानसभा का मानसून सत्र पहले 12 अगस्त तक चलने का कार्यक्रम था, लेकिन कार्यवाही एक दिन पहले ही समाप्त हो गई।
छात्रों के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव को देखते हुए आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने की संभावना है। छात्रों की मांगों और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर विपक्ष का दबाव बना हुआ है, जबकि मुख्यमंत्री के बयान से यह साफ संकेत मिला है कि सरकार विपक्ष के इस विरोध को राजनीतिक रणनीति के तौर पर देख रही है।

