UPI Payment Charges: ग्राहकों को नहीं देना होगा MDR, जानें भविष्य में शुल्क लगा तो किस पर पड़ेगा असर

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UPI Payment Charges: ग्राहकों को नहीं देना होगा MDR, जानें भविष्य में शुल्क लगा तो किस पर पड़ेगा असर

UPI Payment Charges को लेकर पिछले कुछ दिनों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि UPI Payment Charges से फिलहाल ग्राहकों पर कोई असर नहीं होगा .

अगर भविष्य में MDR (Merchant Discount Rate) लागू होता भी है, तो वह नाममात्र का होगा और सिर्फ एक सीमित श्रेणी के मर्चेंट लेनदेन पर लागू होगा, जो एक निश्चित सीमा से अधिक के होंगे .


विषय सूची

  1. UPI Payment Charges पर MDR की चर्चा क्यों हो रही है
  2. ग्राहकों के लिए UPI Payment Charges में क्या बदलेगा
  3. UPI Payment Charges: MDR लागू हुआ तो किसे देना होगा शुल्क
  4. UPI Payment Charges की दर और ₹2000 की सीमा
  5. UPI Payment Charges: पी2पी लेनदेन पर क्या होगा
  6. UPI Payment Charges का भविष्य और NPCI समिति

1. UPI Payment Charges पर MDR की चर्चा क्यों हो रही है

UPI Payment Charges की यह चर्चा Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 के संसद में पेश होने के बाद शुरू हुई . इस बिल में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (PSS) एक्ट, 2007 में संशोधन का प्रस्ताव है, जो सरकार को भविष्य में UPI Payment Charges पर MDR से जुड़ी व्यवस्था को अधिसूचित करने का कानूनी अधिकार देता है .

UPI Payment Charges पर यह बिल अपने आप में कोई शुल्क नहीं लगाता, बल्कि सिर्फ एक सक्षम प्रावधान है . UPI Payment Charges पर चर्चा इसलिए भी जरूरी है क्योंकि जुलाई 2026 में UPI ने 2,366 करोड़ लेनदेन प्रोसेस किए, जिनका कुल मूल्य ₹29.9 लाख करोड़ था . इस विशाल पैमाने पर UPI Payment Charges को लेकर साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकथाम और बुनियादी ढांचे में निवेश की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है .

2. ग्राहकों के लिए UPI Payment Charges में क्या बदलेगा

UPI Payment Charges में फिलहाल ग्राहकों के लिए कोई बदलाव नहीं है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि UPI Payment Charges पर कोई भी MDR, अगर लागू होता है, तो वह मर्चेंट पर लागू होगा, ग्राहकों पर नहीं . UPI Payment Charges के तहत सभी पर्सन-टू-पर्सन (P2P) लेनदेन मुफ्त रहेंगे .

UPI Payment Charges पर सरकार का कहना है कि अगर MDR लागू होता है, तो वह डेबिट या क्रेडिट कार्ड की MDR दरों से काफी कम होगा . UPI Payment Charges के तहत यह शुल्क सिर्फ एक निश्चित सीमा से अधिक के मर्चेंट लेनदेन पर ही लागू होगा .

3. UPI Payment Charges: MDR लागू हुआ तो किसे देना होगा शुल्क

UPI Payment Charges पर अगर भविष्य में MDR लागू होता है, तो इसका भुगतान पात्र मर्चेंट्स (कारोबारियों) को करना होगा, न कि ग्राहकों को . UPI Payment Charges के तहत यह शुल्क उन बड़े मर्चेंट्स पर लागू हो सकता है, जिनके वार्षिक कारोबार की एक निश्चित सीमा से अधिक है .

UPI Payment Charges पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि MDR शुल्क की संरचना डेबिट कार्ड के मॉडल जैसी हो सकती है, जिसमें दर 40 बेसिस प्वाइंट्स से 90 बेसिस प्वाइंट्स (0.40% से 0.90%) के बीच हो सकती है . UPI Payment Charges के तहत बड़े मर्चेंट्स को यह शुल्क वहन करना पड़ सकता है, लेकिन छोटे व्यापारियों और किराना दुकानों को इससे छूट मिलने की संभावना है .

4. UPI Payment Charges की दर और ₹2000 की सीमा

UPI Payment Charges पर संभावित MDR दर और सीमा को लेकर चर्चा चल रही है। UPI Payment Charges के तहत ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर MDR लागू होने की संभावना जताई जा रही है . UPI Payment Charges में यह सीमा इसलिए चुनी गई है क्योंकि ₹2,000 से अधिक के लेनदेन UPI की कुल मात्रा का केवल 4% हैं, लेकिन कुल मूल्य का लगभग 70% हिस्सा इन्हीं का है .

UPI Payment Charges पर ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन के अनुसार, MDR की 30-40 बेसिस प्वाइंट्स (0.30%-0.40%) की दर सबसे संभावित है . UPI Payment Charges की यह दर डेबिट कार्ड की 0.25-1% और क्रेडिट कार्ड की 1-3% की MDR दर से काफी कम होगी . UPI Payment Charges पर यह ध्यान रखना जरूरी है कि अभी कोई अंतिम दर या सीमा तय नहीं की गई है .

5. UPI Payment Charges: पी2पी लेनदेन पर क्या होगा

UPI Payment Charges के तहत पर्सन-टू-पर्सन (P2P) लेनदेन पर किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगेगा . सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI Payment Charges के अंतर्गत दोस्तों, रिश्तेदारों या किसी अन्य व्यक्ति को पैसे भेजने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा .

UPI Payment Charges का दायरा सिर्फ मर्चेंट ट्रांजैक्शन तक सीमित हो सकता है। UPI Payment Charges में रोजमर्रा के छोटे मर्चेंट पेमेंट पर भी फिलहाल ग्राहक से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा .

6. UPI Payment Charges का भविष्य और NPCI समिति

UPI Payment Charges पर अंतिम फैसला UPI एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी द्वारा लिया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) करता है . UPI Payment Charges पर यह कमेटी संसद द्वारा विधेयक पारित होने के बाद ही विचार करेगी .

UPI Payment Charges को लेकर वित्त मंत्रालय का कहना है कि सब्सिडी पर निर्भरता UPI के अगले चरण के विकास के लिए टिकाऊ नहीं है . UPI Payment Charges के संदर्भ में एक संतुलित ढांचे की जरूरत है ताकि UPI मजबूत, समावेशी और भविष्य-तैयार बना रहे .

UPI Payment Charges पर वित्त मंत्रालय ने इस बात से भी इनकार किया है कि यह बदलाव अमेरिकी दबाव में किया गया है . मंत्रालय ने कहा कि UPI Payment Charges पर अगर बाहरी दबाव होता, तो सरकार 2016 में UPI नहीं लाती या 2020 से इसे मुफ्त नहीं करती .

UPI Payment Charges पर अभी ग्राहकों के लिए कोई बदलाव नहीं है और UPI मुफ्त बना हुआ है . UPI Payment Charges का मौजूदा कानूनी बदलाव सिर्फ भविष्य में MDR के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार करता है . UPI Payment Charges पर अगर शुल्क लागू होता भी है, तो वह केवल बड़े मर्चेंट्स पर एक निश्चित सीमा से अधिक के लेनदेन पर लागू होगा, और उसकी दर भी बहुत कम होगी .

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