
झारखंड हाईकोर्ट को मिले 3 नए जज, चीफ जस्टिस एमएस सोनक ने दिलाई पद एवं गोपनीयता की शपथ
मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा ने संभाली नई जिम्मेदारी, दो ने अंग्रेजी और एक जज ने हिंदी में ली शपथ

रांची: झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के बाद शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया. चीफ जस्टिस एमएस सोनक ने नवनियुक्त जजों मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.
शपथ ग्रहण से पहले हाईकोर्ट के महानिबंधक सत्यप्रकाश सिन्हा ने तीनों न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित राष्ट्रपति के आदेश को हिंदी और अंग्रेजी में पढ़कर सुनाया. इसके बाद चीफ जस्टिस एमएस सोनक ने तीनों को शपथ दिलाई.
जस्टिस मनोज प्रसाद और जस्टिस राम शर्मा ने अंग्रेजी में, जबकि जस्टिस अखिल कुमार ने हिंदी में शपथ ली. समारोह के बाद चीफ जस्टिस ने तीनों नए जजों को बुके देकर शुभकामनाएं दीं.
इस मौके पर महाधिवक्ता रोहितश्य राय, एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत कुमार, महासचिव नवीन कुमार, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल प्रशांत पल्लव समेत हाईकोर्ट के कई अधिवक्ता और रजिस्ट्री के अधिकारी मौजूद रहे. मुख्य सचिव और डीजीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी समारोह में शामिल हुए.
कौन हैं जस्टिस मनोज प्रसाद?

जस्टिस मनोज प्रसाद का जन्म 1973 में देवघर में हुआ था. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट फ्रांसिस स्कूल, देवघर से पूरी की. 1988 में आईसीएसई बोर्ड से 10वीं और 1990 में बीआइईसी, पटना कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की.
इसके बाद उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई की और 1998 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी पूरी की. 1999 में बिहार स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन हुआ. उन्होंने मुख्य रूप से देवघर जिला अदालत में सिविल मामलों की वकालत की.
4 मई 2012 को वह एडिशनल ज्यूडिशियल कमिश्नर, रांची के रूप में झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस में शामिल हुए.
जस्टिस अखिल कुमार का न्यायिक सफर

जस्टिस अखिल कुमार का जन्म 6 जनवरी 1972 को पटना में हुआ था. उनकी शुरुआती पढ़ाई पटना में ही हुई. उन्होंने 1986 में मैट्रिक और 1988 में पटना कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की.
इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई की और 1994 में दिल्ली बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुए. उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट और दिल्ली की विभिन्न जिला अदालतों में सिविल और क्रिमिनल मामलों की पैरवी की.
26 मई 2012 को वह झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस में शामिल हुए.
तीन नए जजों से बढ़ी न्यायिक टीम

तीन नए न्यायाधीशों के शपथ लेने के साथ झारखंड हाईकोर्ट की न्यायिक टीम में इजाफा हुआ है. नए जजों के अनुभव का इस्तेमाल अब हाईकोर्ट में आने वाले मामलों की सुनवाई और न्यायिक कार्यों में किया जाएगा. समारोह में न्यायपालिका से जुड़े अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने नए न्यायाधीशों को शुभकामनाएं दीं.




