
Electricity Pole: झारखंड में 1.03 लाख बिजली पोल पर टेलीकॉम तार, JBVNL वसूलेगा 100 रुपये सालाना शुल्क
Electricity Pole: झारखंड में 1.03 लाख बिजली पोल पर टेलीकॉम तार, JBVNL वसूलेगा 100 रुपये सालाना शुल्क
झारखंड में बिजली के खंभों पर बेतरतीब तरीके से लगे टेलीकॉम और इंटरनेट के तारों को अब व्यवस्थित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसको लेकर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने Electricity Pole का इस्तेमाल कर रही टेलीकॉम और इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों से उनके द्वारा उपयोग किए जा रहे Electricity Pole की पूरी जानकारी मांगी है । राज्य में अब तक करीब 1.03 लाख Electricity Pole से टेलीकॉम तार ले जाने की अनुमति ली जा चुकी है। JBVNL ने प्रत्येक Electricity Pole के इस्तेमाल के लिए 100 रुपये सालाना शुल्क निर्धारित किया है। कंपनियों से प्राप्त विवरण के आधार पर शुल्क की वसूली की जाएगी ।
Electricity Pole: हर जिले में संयुक्त टीम करेगी जांच
टेलीकॉम कंपनियों और JBVNL के प्रतिनिधि अब अलग-अलग जिलों में संयुक्त रूप से Electricity Pole और उन पर लगे तारों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान यह देखा जाएगा कि इंटरनेट और टेलीकॉम केबल किस स्थिति में हैं और कहीं तार झूलते या अव्यवस्थित तो नहीं हैं।
निरीक्षण के दौरान जहां भी Electricity Pole पर लगे तारों की स्थिति खराब मिलेगी, संबंधित टेलीकॉम कंपनी को उन्हें व्यवस्थित करना होगा। इसका उद्देश्य Electricity Pole पर लगे तारों की वजह से होने वाली परेशानी को कम करना और इंटरनेट सेवा को बाधित होने से बचाना है ।
Electricity Pole: खंभों की संख्या का भी होगा सत्यापन
JBVNL अपने स्तर से भी Electricity Pole की संख्या का मिलान और सत्यापन करेगा। इससे यह स्पष्ट होगा कि अलग-अलग कंपनियां कितने Electricity Pole का इस्तेमाल कर रही हैं। सत्यापन के बाद वास्तविक संख्या के आधार पर संबंधित कंपनियों से निर्धारित शुल्क लिया जाएगा।
JBVNL ने Electricity Pole पर लगे तारों को लेकर एक प्रमुख पहल की है, जिसके तहत कंपनियों को अपने द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे Electricity Pole का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराना होगा। इससे Electricity Pole के इस्तेमाल का सही आकलन हो सकेगा और शुल्क वसूली में पारदर्शिता आएगी।
Electricity Pole: शहर की सड़कों पर बिखरे तार होंगे व्यवस्थित
Electricity Pole और सड़कों पर बेतरतीब तरीके से फैले तारों को व्यवस्थित करने पर सरकार भी जोर दे रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहरों की सुंदरता और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस तरह के तारों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया था। इसी दिशा में JBVNL और टेलीकॉम कंपनियों के बीच समन्वय के साथ काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
रांची के जीएम डीएन साहू ने बताया कि Electricity Pole पर लगे टेलीकॉम तारों को व्यवस्थित करना जरूरी है। इस संबंध में टेलीकॉम कंपनियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही JBVNL मुख्यालय स्तर से इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Electricity Pole: कंपनियों को क्या करना होगा?
Electricity Pole के इस्तेमाल को लेकर टेलीकॉम और इंटरनेट कंपनियों को निम्नलिखित कार्य करने होंगे:
- अपने द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे Electricity Pole की पूरी सूची JBVNL को उपलब्ध कराना
- Electricity Pole पर लगे तारों को व्यवस्थित रखना
- JBVNL और टेलीकॉम कंपनियों की संयुक्त टीम के साथ निरीक्षण में सहयोग करना
- निर्धारित 100 रुपये प्रति Electricity Pole प्रति वर्ष के हिसाब से शुल्क का भुगतान करना
Electricity Pole पर टेलीकॉम तारों को व्यवस्थित करने की यह पहल झारखंड में शहरी सौंदर्यीकरण और बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। JBVNL द्वारा Electricity Pole के इस्तेमाल पर 100 रुपये सालाना शुल्क तय करने से निगम को अतिरिक्त राजस्व भी मिलेगा और तारों की अव्यवस्था से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी।
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