Jharkhand Special: हेमंत सरकार में बदलता झारखंड, जनकल्याण से डिजिटल विकास तक आगे बढ़ता प्रदेश
खनिज, जंगल, जल और अपार संभावनाओं की धरती झारखंड अब विकास की नई कहानी लिख रहा है। Jharkhand Special के तहत यह साफ दिखता है कि वर्ष 2019 में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद राज्य में विकास के साथ-साथ जनकल्याण को केंद्र में रखकर कई नई योजनाओं और पहलों की शुरुआत हुई। 2024 में दोबारा जनादेश मिलने के बाद इस मॉडल को और विस्तार दिया गया।
महिलाओं की आर्थिक मजबूती हो, गरीब परिवारों के लिए पक्का आवास, बच्चों के लिए आधुनिक सरकारी स्कूल, युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के अवसर, ग्रामीण विकास या स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण—झारखंड में बदलाव की तस्वीर कई क्षेत्रों में दिखाई दे रही है। इस Jharkhand Special रिपोर्ट में हम राज्य की विकास यात्रा के प्रमुख पहलुओं पर नजर डालेंगे।
Jharkhand Special: अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार
Jharkhand Special के तहत सबसे पहले अर्थव्यवस्था की बात करें तो झारखंड की अर्थव्यवस्था ने कोरोना काल के बाद मजबूत वापसी दर्ज की। झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य की वास्तविक GSDP वृद्धि दर करीब 7.02 प्रतिशत रही।
2020-21 से 2024-25 के बीच वास्तविक GSDP की औसत वार्षिक वृद्धि भी करीब 8.4 प्रतिशत दर्ज की गई। प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी हुई। 2024-25 में मौजूदा कीमतों पर झारखंड की प्रति व्यक्ति आय लगभग ₹1,16,663 तक पहुंची। वहीं 2026-27 के बजट में राज्य की GSDP मौजूदा कीमतों पर करीब ₹6.25 लाख करोड़ रहने का अनुमान लगाया गया। ये आंकड़े बताते हैं कि झारखंड की अर्थव्यवस्था अब लगातार विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रही है।
Jharkhand Special: मंईयां सम्मान से महिलाओं के हाथों में आर्थिक ताकत
Jharkhand Special में हेमंत सरकार की सबसे चर्चित जनकल्याणकारी पहलों में झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना प्रमुख है। योजना के तहत सहायता राशि बढ़ाकर ₹2,500 प्रतिमाह की गई। लाखों महिलाओं तक DBT के माध्यम से सीधे आर्थिक सहायता पहुंचने से यह योजना महिला सशक्तिकरण के बड़े अभियान के रूप में उभरी है।
सरकार का संदेश स्पष्ट है—परिवार और समाज को मजबूत बनाना है तो महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना होगा। सर्वजन पेंशन, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना और अन्य सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों ने भी जनकल्याण के दायरे को विस्तार दिया है।
Jharkhand Special: अबुआ आवास से हर जरूरतमंद के पक्के घर का सपना
Jharkhand Special के तहत झारखंड सरकार की अबुआ आवास योजना ग्रामीण परिवारों के लिए उम्मीद की एक बड़ी योजना बनकर सामने आई है। इसका उद्देश्य ऐसे जरूरतमंद परिवारों तक पक्के आवास का लाभ पहुंचाना है, जिन्हें पहले दूसरी आवास योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया।
2026-27 के बजट में अबुआ आवास योजना के लिए करीब ₹4,100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यानी विकास की कहानी केवल शहरों की बड़ी इमारतों तक सीमित नहीं है—गांव में एक जरूरतमंद परिवार का अपना पक्का घर भी बदलते झारखंड की पहचान बन रहा है।
Jharkhand Special: शिक्षा में बदलाव, सरकारी स्कूलों का नया स्वरूप
Jharkhand Special में शिक्षा के क्षेत्र में हेमंत सरकार ने सरकारी शिक्षा की तस्वीर बदलने के लिए स्कूल ऑफ एक्सीलेंस मॉडल पर विशेष जोर दिया। पहले चरण में राज्य के 80 उत्कृष्ट विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया। स्मार्ट क्लास, ICT लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, लाइब्रेरी और व्यावसायिक शिक्षा जैसी सुविधाओं के माध्यम से सरकारी विद्यालयों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने की कोशिश की गई।
सरकार इस मॉडल को और व्यापक स्तर तक ले जाने की दिशा में काम कर रही है। वहीं गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति जैसी पहलें उच्च शिक्षा के सपने को आर्थिक परिस्थितियों से आगे ले जाने की कोशिश हैं।
Jharkhand Special: डिजिटल हेल्थ से तकनीक से जुड़ती स्वास्थ्य सेवाएं
Jharkhand Special के तहत स्वास्थ्य के क्षेत्र में झारखंड अब डिजिटल परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अस्पतालों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने, टेलीमेडिसिन, डिजिटल रेडियोलॉजी, टेली-ICU, अस्पताल प्रबंधन प्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी पहलों से स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में काम हो रहा है।
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा भविष्य में राज्य के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों को मिल सकता है, जहां डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की पहुंच आसान हो सकती है। यानी लक्ष्य है—दूरी चाहे जितनी हो, स्वास्थ्य सेवा मरीज के करीब हो।
Jharkhand Special: सड़क और ग्रामीण विकास से बदलती तस्वीर
Jharkhand Special में झारखंड में बेहतर कनेक्टिविटी को विकास का महत्वपूर्ण आधार बनाया जा रहा है। 2026-27 के बजट में सड़क और पुलों पर पूंजीगत खर्च के लिए करीब ₹6,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
बेहतर सड़क का अर्थ केवल आसान यात्रा नहीं है। सड़क गांव को बाजार से, किसान को खरीदार से, विद्यार्थी को स्कूल-कॉलेज से और मरीज को अस्पताल से जोड़ती है। ग्रामीण विकास पर भी राज्य के बजट में बड़ा फोकस दिखाई देता है। आवास, सड़क, आजीविका और आधारभूत सुविधाओं के जरिए गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश जारी है।
Jharkhand Special: डिजिटल झारखंड, अब गांव भी जुड़ेंगे हाई-स्पीड नेटवर्क से
Jharkhand Special के तहत झारखंड अब डिजिटल कनेक्टिविटी की नई छलांग लगाने की तैयारी में है। Amended BharatNet Programme के माध्यम से राज्य के हजारों ग्राम पंचायतों और गांवों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क के विस्तार का लक्ष्य रखा गया है।
इसका सीधा फायदा ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ई-गवर्नेंस, डिजिटल बैंकिंग और सरकारी सेवाओं तक पहुंच में हो सकता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पंचायतों तक आधुनिक मोबाइल नेटवर्क और डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत करने पर भी जोर दिया है। इससे आने वाले वर्षों में एक ऐसा झारखंड आकार ले सकता है, जहां डिजिटल सुविधाओं का लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहकर गांवों तक पहुंचे।
Jharkhand Special: विकास के केंद्र में झारखंड का आम आदमी
Jharkhand Special के तहत हेमंत सरकार के विकास मॉडल की एक खास बात जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार है। महिलाओं के खाते में सीधी आर्थिक सहायता, जरूरतमंदों के लिए पक्का मकान, बच्चों के लिए बेहतर सरकारी स्कूल, विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सड़कें और डिजिटल स्वास्थ्य—इन सभी पहलों का केंद्र आम झारखंडी परिवार है।
झारखंड के पास प्राकृतिक संसाधनों की कमी कभी नहीं रही। अब कोशिश इन संसाधनों और आर्थिक विकास का लाभ राज्य के लोगों तक पहुंचाने की है।
Jharkhand Special: बदल रहा है झारखंड, बढ़ रहा है झारखंड
25 वर्षों की यात्रा पूरी कर चुका झारखंड अब अपने विकास के अगले अध्याय की ओर बढ़ रहा है। Jharkhand Special के तहत यह साफ है कि एक तरफ अपनी आदिवासी संस्कृति, जल-जंगल-जमीन और प्राकृतिक पहचान को सहेजने की कोशिश है, तो दूसरी तरफ आधुनिक शिक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य, बेहतर सड़क, इंटरनेट कनेक्टिविटी और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ रहे हैं।
मंईयां सम्मान से महिलाओं के चेहरे पर भरोसा, अबुआ आवास से अपने घर का सपना, स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से बच्चों की नई उड़ान, डिजिटल हेल्थ से आधुनिक स्वास्थ्य सेवा और सड़क व इंटरनेट से जुड़ते गांव—यही तस्वीर है आगे बढ़ते झारखंड की।
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