Jharkhand Weather: 13 सितंबर से साफ होगा झारखंड का मौसम, 20 सितंबर तक फिर बारिश के आसार; इसके बाद बढ़ेगा तापमान
ओडिशा-आंध्र की ओर मुड़ रहा साइक्लोनिक सर्कुलेशन, अगले कुछ दिनों में बारिश से मिलेगी राहत; नवंबर-दिसंबर तक अलनीनो के असर से कम पड़ सकती है ठंड

रांची: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के बीच अब मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र की वजह से राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई है। हालांकि, साइक्लोनिक सर्कुलेशन के ओडिशा और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ने के कारण 12 सितंबर की दोपहर के बाद बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है।
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक 13 सितंबर से झारखंड में मौसम काफी हद तक साफ हो जायेगा। इसके साथ ही अगले कुछ दिनों में लोगों को लगातार बारिश से राहत मिल सकती है। बारिश थमने के बाद राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री या इससे ज्यादा बढ़ने की भी संभावना है।
कुछ दिनों बाद फिर बन सकता है निम्न दबाव
मौसम में सुधार के बावजूद बारिश का दौर पूरी तरह खत्म नहीं होगा। वातावरण में नमी बनी रहने और बंगाल की खाड़ी में करीब 3 से 4 दिनों बाद दोबारा निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से झारखंड के कई हिस्सों में बादल छाने के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात हो सकता है।
20 सितंबर तक रुक-रुक कर बारिश के आसार
पूर्वानुमान के अनुसार 20 सितंबर तक झारखंड के अलग-अलग इलाकों में हल्की और रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। इस दौरान कई जगहों पर बादल छाये रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
दशहरा में बारिश से राहत की उम्मीद
मॉनसून की वापसी को लेकर भी पूर्वानुमान सामने आया है। झारखंड से मॉनसून के 10 से 12 अक्टूबर के आसपास लौटने की संभावना जतायी गयी है। ऐसे में इस बार दशहरा यानी दुर्गापूजा के दौरान बारिश से ज्यादा परेशानी नहीं होने की उम्मीद है।
नवंबर-दिसंबर तक रह सकता है अलनीनो का असर
मौसम पर अलनीनो का प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। इसके कारण अब तक देश में सामान्य से करीब 15 से 20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गयी है। झारखंड में भी बारिश सामान्य से लगभग 3 प्रतिशत कम रही है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगर अलनीनो का प्रभाव नहीं होता, तो झारखंड में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती थी। हालांकि, राज्य के अलग-अलग जिलों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं रही है। कहीं सामान्य से अधिक तो कहीं कम बारिश दर्ज की गयी है।
इस बार ज्यादा ठंड नहीं पड़ने के संकेत
अलनीनो का प्रभाव नवंबर-दिसंबर तक बने रहने की संभावना है। इसका असर सर्दी पर भी पड़ सकता है। अनुमान है कि इस बार झारखंड में बहुत ज्यादा ठंड नहीं पड़ेगी। हालांकि, इसके बाद गर्मी का असर अधिक रहने की संभावना जतायी गयी है।




