
Cooperation Department: हर विधानसभा में बनेगा कोल्ड स्टोरेज-कम-मार्केटिंग सेंटर, रागी आटे की स्कूलों में होगी आपूर्ति
Cooperation Department: हर विधानसभा में बनेगा कोल्ड स्टोरेज-कम-मार्केटिंग सेंटर, रागी आटे की स्कूलों में होगी आपूर्ति
रांची के नेपाल हाउस में Cooperation Department की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में Cooperation Department की विभिन्न योजनाओं, बजट के इस्तेमाल, अब तक हुए खर्च और नई योजनाओं की प्रगति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
Cooperation Department: सिर्फ बजट खर्च नहीं, जमीन पर दिखे योजनाओं का असर
Cooperation Department की इस बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल बजट खर्च करना नहीं होना चाहिए। योजनाओं का लाभ किसानों, उत्पादकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक सीधे और लंबे समय तक पहुंचना जरूरी है।
इसी सोच के साथ Cooperation Department की विभागीय योजनाओं को धरातल पर प्रभावी तरीके से लागू करने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। Cooperation Department का यह रुख दर्शाता है कि अब योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
Cooperation Department: हर विधानसभा में बनेगा कोल्ड स्टोरेज-कम-मार्केटिंग सेंटर
Cooperation Department की बैठक में हर विधानसभा क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज-कम-मार्केटिंग सेंटर स्थापित करने की योजना की भी समीक्षा की गई। इसके डीपीआर को और बेहतर बनाने के लिए देश की प्रमुख लॉजिस्टिक और कोल्ड-चेन कंपनियों से तकनीकी सुझाव लेने का निर्देश दिया गया है।
इसका उद्देश्य शुरुआत से ही आधुनिक तकनीक, कम ऊर्जा खपत, बेहतर भंडारण व्यवस्था और किसानों के उत्पादों के लिए प्रभावी मार्केटिंग सिस्टम तैयार करना है। Cooperation Department की यह पहल किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर दाम दिलाने और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने में मददगार होगी।
Cooperation Department: सरकारी स्कूलों में रागी की सप्लाई का पायलट प्रोजेक्ट
Cooperation Department की बैठक में प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत सरकारी स्कूलों में रागी यानी मड़ुवा के आटे की आपूर्ति से जुड़े पायलट प्रोजेक्ट की भी समीक्षा की गई।
इस पहल के जरिए एक तरफ स्कूली बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की योजना है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय किसानों के मड़ुवा उत्पादन के लिए सुनिश्चित बाजार तैयार करने की कोशिश की जा रही है। Cooperation Department का यह कदम कुपोषण से निपटने और स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
Cooperation Department: लाह किसानों की आय बढ़ाने पर भी जोर
Cooperation Department की बैठक में ‘लाह पोषक समृद्धि योजना’ की प्रगति पर भी चर्चा हुई। योजना के तहत लाह उत्पादन से जुड़े किसानों को उपयोगी पौधे उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इससे किसानों को एकीकृत खेती से जोड़ने और उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। Cooperation Department की यह योजना झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों में लाह उत्पादन को बढ़ावा देकर स्थानीय समुदायों की आर्थिक स्थिति सुधारने में सहायक होगी।
Cooperation Department: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस
Cooperation Department की इस समीक्षा बैठक में ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, जिनका सीधा फायदा ग्रामीण क्षेत्र और किसानों को मिले। भंडारण, मार्केटिंग, पोषण और कृषि आधारित आय को बढ़ाने वाली योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर Cooperation Department का विशेष फोकस रहेगा।
Cooperation Department का यह दृष्टिकोण दर्शाता है कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और योजनाओं का लाभ सीधे आम किसानों तक पहुंचाना चाहती है।
Cooperation Department की इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिए गए फैसले झारखंड की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए दूरगामी प्रभाव डालेंगे। कोल्ड स्टोरेज-कम-मार्केटिंग सेंटर, रागी आटे की स्कूलों में आपूर्ति और लाह किसानों की आय बढ़ाने जैसी योजनाएं Cooperation Department के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगी।
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