Torpa Accident: रथ धक्का देने के दौरान हाई वोल्टेज तार की चपेट में आए छात्र, 2 की मौत, 7 घायल, सीएम ने जताया शोक
खूंटी: झारखंड के खूंटी जिले के तोरपा थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक Torpa accident में दो स्कूली छात्रों की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि सात अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा कोटेंगसेरा गांव स्थित मेसोबाड़ी के पास उस समय हुआ, जब स्कूल के लंच ब्रेक के दौरान छात्र एक रथ को धक्का दे रहे थे।
जानकारी के अनुसार, इस Torpa accident में रथ पर लगा लोहे का ध्वज हाई वोल्टेज बिजली के तार की चपेट में आ गया। इसके बाद पूरे रथ में करंट दौड़ गया और उसे धक्का दे रहे छात्र इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
Torpa Accident: मृतक और घायल छात्रों की पहचान
इस Torpa accident में चंदन कुमार (18) और तिजेंद्र महतो (17) की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों श्री बीर उच्च विद्यालय, तोरपा के 12वीं कक्षा के छात्र थे। वहीं सात अन्य छात्र घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्र लंच ब्रेक के दौरान स्कूल से कुछ दूरी पर स्थित मेसोबाड़ी पहुंचे थे, जहां श्रद्धालु रथ खींचने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान छात्रों ने भी रथ को धक्का देना शुरू किया और कुछ ही क्षणों में यह Torpa accident हो गया।
Torpa Accident: प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे Torpa accident की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रथ का ढांचा और उस पर लगा ध्वज लोहे का बना हुआ था, जो ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन के संपर्क में आ गया।
इस Torpa accident को लेकर खूंटी एसपी अशोक राम ने बताया कि हादसे के बाद सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मृतकों की पहचान कर परिजनों को सूचना दे दी है और मामले की जांच की जा रही है।
Torpa Accident पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया शोक
इस Torpa accident पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरा दुख जताते हुए मृतक छात्रों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायल छात्रों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, “खूंटी जिले के तोरपा में रथ पर लोहे का झंडा हाई टेंशन तार से छूने से हुई दुर्घटना अत्यंत दुखद है। दो मासूम बच्चों की मौत की खबर ने मन विचलित कर दिया है। मैंने उपायुक्त एवं एसपी को इलाज और आवश्यक सहायता की व्यवस्था का निर्देश दिया है”।
Torpa Accident: पहले भी हो चुके हैं इस तरह के हादसे
इस Torpa accident से पहले भी इसी क्षेत्र में इसी तरह की घटना घट चुकी है। कुछ साल पहले भी रथ पर लगे लोहे के बल्ले के हाई टेंशन तार से छूने के कारण कई लोगों की मौत हो गई थी। इस Torpa accident ने एक बार फिर धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।


