Durand Cup Trophy: 135वें संस्करण से पहले गुमला में ट्रॉफी का भव्य स्वागत
रांची/गुमला: एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट Durand Cup का रोमांच अब झारखंड में भी दिखाई देने लगा है। पहली बार राज्य की राजधानी रांची इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता की मेजबानी करने जा रही है। इसी क्रम में Durand Cup Trophy की प्रतिष्ठित ट्रॉफी सोमवार को पहली बार गुमला पहुंची, जहां खेल प्रेमियों और प्रशासन ने गर्मजोशी से इसका स्वागत किया।
Durand Cup की शुरुआत 1888 में हुई थी और इसे एशिया का सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट माना जाता है। इस टूर्नामेंट की खासियत यह है कि विजेता टीम को तीन ट्रॉफियां प्रदान की जाती हैं – डुरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी। प्रेसिडेंट्स कप को भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 1950 में शुरू किया था, जबकि शिमला ट्रॉफी 1904 में शिमला के निवासियों द्वारा प्रदान की गई थी।
Durand Cup Trophy: गुमला में भव्य रोड शो और ट्रॉफी दर्शन
गुमला में Durand Cup Trophy के स्वागत के अवसर पर विशेष रोड शो और ट्रॉफी दर्शन कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहर के अलग-अलग स्थानों पर लोगों ने ट्रॉफी का स्वागत किया और फुटबॉल के प्रति अपना उत्साह व्यक्त किया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी और खेल प्रेमी कार्यक्रम में शामिल हुए।
गुमला स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में उपायुक्त दिलेश्वर महतो, पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां, सेना के अधिकारियों, जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों और खेल विभाग के अधिकारियों ने Durand Cup Trophy का स्वागत किया। कार्यक्रम को और आकर्षक बनाने के लिए एक मैत्री फुटबॉल मैच भी खेला गया, जिसमें खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
रांची में Durand Cup Trophy: ऐतिहासिक मेजबानी की तैयारियां
इस वर्ष 135वें Durand Cup का आयोजन देश के पांच शहरों – रांची, कोलकाता, गुवाहाटी, शिलांग और इम्फाल में किया जाएगा। रांची पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा और 26 जुलाई से 16 अगस्त तक बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में मैचों की मेजबानी करेगा।
रांची को ग्रुप-सी के मुकाबलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसमें जमशेदपुर एफसी, स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली, इंडियन एयर फोर्स फुटबॉल टीम और श्रीलंकाई सशस्त्र बलों की डिफेंडर्स एफसी शामिल हैं। रांची 16 अगस्त को एक क्वार्टर फाइनल मैच की भी मेजबानी करेगा।
Durand Cup Trophy टूर: 24 टीमों के साथ होगा 135वां संस्करण
इस बार Durand Cup टूर्नामेंट में 24 टीमें भाग लेंगी, जिन्हें छह अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है। टूर्नामेंट का उद्घाटन 25 जुलाई को कोलकाता में होगा और 23 अगस्त को फाइनल मैच के साथ समाप्त होगा।
Durand Cup Trophy टूर का उद्देश्य लोगों में फुटबॉल के प्रति उत्साह बढ़ाना है। ट्रॉफी टूर पहले गुवाहाटी पहुंचा था, जहां इसे भव्य समारोह के साथ प्रदर्शित किया गया था। इसके बाद ट्रॉफी रांची पहुंची, जहां 18 जुलाई को एक भव्य रोड शो का आयोजन किया गया और अब गुमला में इसका प्रदर्शन किया गया।
झारखंड के लिए गर्व का क्षण: Durand Cup Trophy की मेजबानी
Durand Cup Trophy का रांची में आयोजन झारखंड की खेल संस्कृति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। पहली बार राज्य की राजधानी इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता की मेजबानी कर रही है, जो युवा फुटबॉल प्रतिभाओं को नया मंच प्रदान करेगी।
खेल मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा, “यह अत्यंत गर्व और सौभाग्य की बात है कि 135वां इंडियन ऑयल डुरंड कप रांची में आ रहा है”। रांची में Durand Cup Trophy की मेजबानी से राज्य के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल सितारों को करीब से देखने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।


