
Jharkhand Power News: हर विधानसभा क्षेत्र में बनेंगे 5 नए पावर सबस्टेशन, लो वोल्टेज से लेकर बिजली सप्लाई तक में होगा सुधार
जेबीवीएनएल ने जमीन चिह्नित कर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की, ग्रामीण इलाकों में 15-20 किमी के दायरे में 33/11 केवी सबस्टेशन बनाने पर जोर

रांची। झारखंड में बिजली की कमजोर सप्लाई और बार-बार होने वाली लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम पांच नए पावर सबस्टेशन स्थापित करने का फैसला लिया है।
इसके लिए सभी जिलों में सबस्टेशन के लिए जमीन की पहचान कर उसे उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों को जमीन से जुड़ी कार्रवाई पूरी कर इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने को कहा गया है।
बिजली नेटवर्क को मजबूत करने पर फोकस
ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी के. श्रीनिवासन के अनुसार, उपभोक्ताओं को उचित वोल्टेज के साथ बिजली उपलब्ध कराने के लिए वितरण नेटवर्क को मजबूत करना जरूरी है। नए सबस्टेशन के साथ छोटी दूरी के फीडर विकसित करने की योजना है।
इससे बिजली को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की दूरी कम होगी और मौजूदा नेटवर्क पर पड़ने वाला दबाव भी घटेगा।
सबस्टेशन के लिए जमीन जुटाने की कवायद शुरू
जेबीवीएनएल के निदेशक (वितरण एवं परियोजना) प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने शुक्रवार को सभी विद्युत आपूर्ति क्षेत्रों के महाप्रबंधक सह मुख्य अभियंताओं को पत्र भेजा है।
पत्र के जरिए अधिकारियों को संबंधित जिलों के उपायुक्तों से संपर्क कर नए सबस्टेशन के लिए जमीन उपलब्ध कराने को कहा गया है। जमीन चिह्नित करने के बाद इसकी अनुपालन रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में 15-20 किमी की दूरी पर सबस्टेशन
योजना में ग्रामीण इलाकों को भी खास महत्व दिया गया है। जेबीवीएनएल के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में 33/11 केवी के नए सबस्टेशन की जरूरत है।
इससे गांवों तक बिजली पहुंचाने के लिए लंबे फीडरों पर निर्भरता कम होगी और वितरण व्यवस्था को ज्यादा मजबूत बनाया जा सकेगा।
उपभोक्ताओं को होंगे ये 3 बड़े फायदे
1. लो वोल्टेज की परेशानी घटेगी
नए सबस्टेशन उपभोक्ताओं के करीब होने से बिजली को लंबी दूरी तक ट्रांसमिट करने की जरूरत कम होगी। इसका सीधा फायदा खासकर उन ग्रामीण इलाकों को मिल सकता है, जहां लो वोल्टेज की समस्या ज्यादा रहती है।
2. वोल्टेज और बिजली की गुणवत्ता में सुधार
छोटे फीडर और मजबूत नेटवर्क के जरिए उपभोक्ताओं तक अपेक्षाकृत बेहतर वोल्टेज में बिजली पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
3. बिजली सप्लाई होगी ज्यादा भरोसेमंद
नए सबस्टेशन बनने से मौजूदा नेटवर्क पर दबाव कम होगा। किसी हिस्से में तकनीकी खराबी आने पर बिजली आपूर्ति को दूसरे स्रोत से व्यवस्थित करने की संभावना भी बढ़ेगी।
कब तक तैयार होंगे नए सबस्टेशन?
जेबीवीएनएल की यह योजना राज्य में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए वितरण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। हालांकि नए सबस्टेशन कब तक बनकर तैयार होंगे, इसकी समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। आगे की प्रक्रिया जमीन उपलब्ध होने और परियोजना से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद तय होगी।




