रांची नगर निगम की नई सुविधा: अब ऐप से घर बैठे बुक होंगे सामुदायिक भवन, शादी से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम तक आसान बुकिंग

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रांची: अब शादी, जन्मदिन, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए नगर निगम के सामुदायिक भवन बुक कराने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। रांची नगर निगम (RMC) जल्द ही एक ऐसा मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रहा है, जिसके जरिए लोग घर बैठे ऑनलाइन सामुदायिक भवन की बुकिंग कर सकेंगे।

नगर निगम क्षेत्र में फिलहाल 68 सामुदायिक भवन हैं। अब तक इन भवनों की बुकिंग वार्ड पार्षद की अनुशंसा के आधार पर होती थी, लेकिन नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद आम नागरिक सीधे ऐप के माध्यम से बुकिंग कर सकेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भवनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

₹100 से ₹2000 तक होगी बुकिंग फीस

नगर निगम की योजना के अनुसार, सामुदायिक भवनों की बुकिंग के लिए ₹100 से ₹2000 तक शुल्क निर्धारित किया जाएगा। शुल्क भवन के आकार और उपयोग की अवधि के आधार पर तय होगा। खास बात यह है कि जरूरत के अनुसार लोग सिर्फ एक घंटे के लिए भी भवन बुक कर सकेंगे।

कार्यक्रम के बाद उसी स्थिति में लौटाना होगा भवन

नगर निगम सामुदायिक भवनों के संचालन के लिए नई नियमावली भी तैयार कर रहा है। इसके तहत जिस व्यक्ति को भवन आवंटित किया जाएगा, उसे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भवन को उसी स्थिति में वापस करना होगा।

यदि भवन में लगे गमले, शीशे, फर्नीचर या अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त होते हैं, तो उसकी भरपाई संबंधित बुकिंगकर्ता से की जाएगी।

विवाद के बाद लिया गया फैसला

नगर निगम अधिकारियों और वार्ड पार्षदों के बीच सामुदायिक भवनों के संचालन को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। हिंदपीढ़ी और कर्बला चौक स्थित सामुदायिक भवनों को लेकर भी विवाद सामने आया था, जहां भवन को सील करने की कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध किया था।

इन्हीं विवादों को देखते हुए अब नगर निगम ने ऐप आधारित ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी, आसान और विवादमुक्त बन सके।

क्या होगा फायदा?

  • घर बैठे ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा
  • वार्ड पार्षद की अनुशंसा पर निर्भरता कम होगी
  • पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी होगी
  • जरूरत के अनुसार कम समय के लिए भी बुकिंग संभव
  • सामुदायिक भवनों का बेहतर प्रबंधन और उपयोग सुनिश्चित होगा

नगर निगम का मानना है कि इस नई व्यवस्था से नागरिकों को सुविधा मिलेगी, विवाद कम होंगे और सामुदायिक भवनों का संचालन अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।

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