झारखंड के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की होगी नई पहचान, अब BIT और पॉलिटेक्निक संस्थान बनेंगे JIT

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राज्य सरकार ने तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी शुरू की। बीआईटी ब्रांड के तहत इंजीनियरिंग कॉलेजों और जेआईटी नाम से पॉलिटेक्निक संस्थानों की होगी रीब्रांडिंग, उद्योगों की जरूरत के अनुसार नए कोर्स, आधुनिक हॉस्टल और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर भी मिलेगा।

रांची: झारखंड में तकनीकी शिक्षा को नई पहचान देने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों की ब्रांडिंग बदलने का फैसला किया है। प्रस्ताव के अनुसार अब सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज BIT (Bihar/Board Institute of Technology) ब्रांड के तहत संचालित होंगे, जबकि पॉलिटेक्निक संस्थानों को JIT (Jharkhand Institute of Technology) नाम दिया जाएगा।

तकनीकी शिक्षा विभाग का मानना है कि एक समान ब्रांडिंग से राज्य के संस्थानों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मजबूत होगी और छात्रों के बीच इनकी विश्वसनीयता बढ़ेगी। सरकार इस योजना के तहत सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से नए नाम और नई पहचान देने की तैयारी कर रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद संस्थानों के नाम के साथ जिला या स्थान का नाम भी जोड़ा जाएगा, ताकि उनकी स्थानीय पहचान भी बनी रहे। अधिकारियों के अनुसार, राज्य में संचालित इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों को एक साझा शैक्षणिक ब्रांड के रूप में विकसित किया जाएगा।

सरकार केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। उद्योगों की मांग को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और अन्य आधुनिक तकनीकों से जुड़े नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसका उद्देश्य छात्रों को रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है। इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर भी बड़े बदलाव की तैयारी है। सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में नए छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा और वर्तमान हॉस्टल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। जानकारी के अनुसार, आने वाले वर्षों में हजारों नए छात्र-छात्राओं को हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे दूरदराज के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।

इसके अलावा, तकनीकी संस्थानों के लिए आईआईटी और एनआईटी की तर्ज पर नया शैक्षणिक मॉडल विकसित करने की तैयारी भी चल रही है। आधुनिक लैब, स्मार्ट क्लासरूम, उद्योगों के साथ सहयोग, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जा रही हैं। राज्य सरकार का मानना है कि इन बदलावों से झारखंड के तकनीकी संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार होगा, छात्रों को बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे और राज्य तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बना सकेगा। सरकार जल्द ही इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर चरणबद्ध तरीके से इसे लागू करने की तैयारी में है।

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