सोशल मीडिया पर नाबालिग की तस्वीर शेयर करना पड़ा भारी, पॉक्सो एक्ट में 3 साल की सजा

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रांची: सोशल मीडिया पर किसी नाबालिग की अश्लील तस्वीर या वीडियो शेयर करना अब बेहद महंगा पड़ सकता है। रांची की पॉक्सो (POCSO) अदालत ने एक अहम फैसले में नाबालिग छात्रा की अश्लील तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में आरोपी विशाल होरो को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

यह मामला नामकुम थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2021 में आरोपी की पहचान पीड़िता से हुई थी। आरोपी उसे बहाने से एक सुनसान स्थान पर स्थित अपने मकान में ले गया, जहां उसने कपड़े बदलने के दौरान उसकी अश्लील तस्वीरें मोबाइल से खींच लीं।

इसके बाद आरोपी लगातार पीड़िता को तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर उससे मिलने का दबाव बनाता रहा। विरोध करने पर उसने वे तस्वीरें इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर साझा कर दीं। इतना ही नहीं, पीड़िता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई।

मामले की सुनवाई के बाद विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए तीन वर्ष की सश्रम कैद की सजा सुनाई।

फोटो फॉरवर्ड करना भी बन सकता है अपराध

विशेषज्ञों के अनुसार, कई लोग यह सोचते हैं कि उन्होंने तस्वीर बनाई नहीं, केवल किसी और द्वारा भेजी गई फोटो आगे भेजी है, इसलिए वे दोषी नहीं होंगे। लेकिन कानून ऐसा नहीं मानता। यदि कोई व्यक्ति किसी नाबालिग की निजी या अश्लील तस्वीर या वीडियो को जानबूझकर शेयर, फॉरवर्ड या सोशल मीडिया पर पोस्ट करता है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

क्या कहता है कानून?

  • 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे की अश्लील फोटो या वीडियो बनाना, रखना, भेजना या सोशल मीडिया पर पोस्ट करना अपराध है।
  • किसी की निजी तस्वीर वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगना, दोस्ती या संबंध बनाने का दबाव डालना भी अपराध की श्रेणी में आता है।
  • ऐसे मामलों में पॉक्सो एक्ट, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
  • दोषी को जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

ऐसी स्थिति में क्या करें?

यदि कोई आपकी या किसी नाबालिग की निजी तस्वीर का गलत इस्तेमाल कर रहा है, तो:

  • ब्लैकमेल करने वाले की बात न मानें।
  • फोटो, चैट और स्क्रीनशॉट को डिलीट न करें, इन्हें सबूत के रूप में सुरक्षित रखें।
  • तुरंत पुलिस या साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
  • संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट या अकाउंट की रिपोर्ट करें।
  • यदि पीड़ित नाबालिग है, तो अभिभावक तुरंत पुलिस को सूचना दें।

यह फैसला एक बार फिर याद दिलाता है कि सोशल मीडिया पर किसी भी निजी या अश्लील सामग्री को शेयर या फॉरवर्ड करना, विशेषकर यदि उसमें नाबालिग शामिल हो, गंभीर कानूनी अपराध है और इसके लिए जेल की सजा हो सकती है।

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