‘Introduction to Quantum Computing’ रांची विश्वविद्यालय में पुस्तक का लोकार्पण, क्वांटम तकनीक पर राष्ट्रीय सम्मेलन

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रांची विश्वविद्यालय में ‘Introduction to Quantum Computing’ पुस्तक का लोकार्पण, क्वांटम तकनीक पर राष्ट्रीय सम्मेलन

Introduction to Quantum Computing पुस्तक का लोकार्पण रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान किया गया । यह पुस्तक प्रो. एनआर रॉय और डॉ. कुंतल मुखर्जी द्वारा लिखी गई है, जो क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र को सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाने का प्रयास करती है । सम्मेलन का आयोजन रांची विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग और झारखंड काउंसिल ऑन साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन (JCSTI) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया 


विषय सूची

  1. Introduction to Quantum Computing पुस्तक का लोकार्पण
  2. क्वांटम मैकेनिक्स और मटेरियल साइंस पर राष्ट्रीय सम्मेलन
  3. भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान का संगम
  4. सम्मेलन में 45 शोध पत्र प्रस्तुत
  5. शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की पहल

1. Introduction to Quantum Computing पुस्तक का लोकार्पण

रांची विश्वविद्यालय के आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में Introduction to Quantum Computing पुस्तक का भव्य लोकार्पण किया गया । यह पुस्तक प्रो. एनआर रॉय और डॉ. कुंतल मुखर्जी द्वारा संयुक्त रूप से लिखी गई है, जो क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है 

Introduction to Quantum Computing पुस्तक में क्वांटम कंप्यूटिंग के मूलभूत सिद्धांतों से लेकर उन्नत एल्गोरिदम, क्वांटम सर्किट मॉडल और IBM-Qiskit जैसे व्यावहारिक टूल्स का उपयोग करने की विधि को शामिल किया गया है । यह पुस्तक पायथन प्रोग्रामिंग भाषा और क्लाउड-आधारित क्वांटम कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्वांटम कंप्यूटिंग को समझने और अनुप्रयोगों को लागू करने की दिशा में एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है।

2. क्वांटम मैकेनिक्स और मटेरियल साइंस पर राष्ट्रीय सम्मेलन

यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ई. श्रोडिंगर के प्रसिद्ध समीकरण के शताब्दी वर्ष (1926-2026) को समर्पित था । सम्मेलन का उद्घाटन रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने किया, जिन्होंने क्वांटम मैकेनिक्स, मटेरियल साइंस और इंजीनियरिंग के बीच बढ़ते तालमेल पर अपने विचार व्यक्त किए 

सम्मेलन के मुख्य वक्ता कोलकाता के एमेरिटस प्रोफेसर जीपी दास ने कहा कि 21वीं सदी में क्वांटम मैकेनिक्स और मटेरियल साइंस के मिलन से एक बड़ी क्वांटम लीप आई है । उन्होंने कहा कि स्मार्ट, अल्ट्राफास्ट और टिकाऊ मटेरियल तकनीकी दुनिया की दिशा बदल रहे हैं। सुपरकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग और नैनोटेक्नोलॉजी की भूमिका सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

3. भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान का संगम

कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान, अभियंत्रण और प्रौद्योगिकी परस्पर जुड़े हुए क्षेत्र रहे हैं । उन्होंने आर्यभट्ट और भास्कराचार्य जैसे प्राचीन वैज्ञानिकों द्वारा ग्रहों की गति, पृथ्वी की परिधि और खगोलीय गणनाओं से जुड़े सिद्धांतों का उल्लेख किया।

कुलपति ने शोधार्थियों से प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक विरासत का अध्ययन कर आधुनिक तकनीक में नवाचार के नए अवसर तलाशने की अपील की । उन्होंने कहा कि शून्य और दशमलव प्रणाली जैसी भारतीय खोजों ने वैश्विक गणित की नींव मजबूत की है, और आज क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकों में भी भारतीय योगदान महत्वपूर्ण हो सकता है।

4. सम्मेलन में 45 शोध पत्र प्रस्तुत

सम्मेलन के दौरान कुल 45 प्रतिनिधियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए । ये शोध पत्र क्वांटम बिट्स, क्वांटम इंफॉर्मेशन प्रोसेसिंग, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम केमिस्ट्री, क्वांटम बायोलॉजी, कंडेंस्ड मैटर फिजिक्स, एडवांस्ड मटेरियल साइंस, नैनो फिजिक्स एंड टेक्नोलॉजी और नेशनल क्वांटम मिशन जैसे विभिन्न विषयों पर केंद्रित थे 

Introduction to Quantum Computing पुस्तक के सह-लेखक डॉ. कुंतल मुखर्जी भी सम्मेलन में उपस्थित थे और उन्होंने क्वांटम कंप्यूटिंग के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर अपने विचार साझा किए । इस सम्मेलन में देशभर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों और उद्योगों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।

5. शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की पहल

JCSTI के कार्यपालक निदेशक डॉ. राज शेखर प्रसाद और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक प्रो. रणजीत कुमार सिंह ने बताया कि झारखंड में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के स्तर पर शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है । उन्होंने कहा कि बेहतर शोध वातावरण तैयार करने से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को नई तकनीकों पर काम करने का अवसर मिलेगा।

यह सम्मेलन विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के उभरते आयामों पर केंद्रित था, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और टिकाऊ हरित ऊर्जा को नए केंद्र बिंदु के रूप में उजागर किया गया । इस सम्मेलन का उद्देश्य शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देना और झारखंड की विशिष्ट चुनौतियों के लिए अनुसंधान-आधारित समाधान विकसित करना था 

Introduction to Quantum Computing पुस्तक का लोकार्पण और यह राष्ट्रीय सम्मेलन क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुस्तक क्वांटम कंप्यूटिंग में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए एक उपयोगी संसाधन साबित होगी। वहीं, इस सम्मेलन के माध्यम से झारखंड में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

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