Driving Training Center: झारखंड में 3 साल से अटकी योजना, 21 जिलों में जमीन चिन्हित फिर भी नहीं शुरू हुआ काम
झारखंड में व्यावसायिक वाहन चालकों को बेहतर प्रशिक्षण देने और सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रस्तावित Driving Training Center की योजना लंबे समय से फाइलों में अटकी हुई है। लेखापरीक्षा में सामने आया है कि राज्य के 21 जिलों में Driving Training Center के लिए जमीन चिन्हित होने के बावजूद केंद्रों की स्थापना का काम आगे नहीं बढ़ सका । जमीन से जुड़ी जानकारी जुटाने, डीपीआर तैयार करने और प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया में लगातार देरी हुई, जिसका सीधा असर Driving Training Center योजना पर पड़ा है।
विषय सूची
- Driving Training Center: 3 साल से अटकी योजना
- 19.73 करोड़ रुपये का बजट लैप्स
- Driving Training Center के लिए 21 जिलों में जमीन चिन्हित
- 2017 में लिया गया था निर्णय
- केंद्र सरकार के मानक और झारखंड की स्थिति
- Driving Training Center की वर्तमान स्थिति
1. Driving Training Center: 3 साल से अटकी योजना
झारखंड में Driving Training Center की योजना को तीन साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन यह अभी तक जमीन पर नहीं उतर सकी है । फरवरी 2022 में परिवहन विभाग ने 10 जिलों के उपायुक्तों से Driving Training Center के लिए सरकारी जमीन की उपलब्धता की रिपोर्ट मांगी थी । इन Driving Training Center में स्वचालित ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक जैसी आधुनिक सुविधाएं भी प्रस्तावित थीं।
हालांकि, लेखापरीक्षा के अनुसार जुलाई-अगस्त 2024 तक सिर्फ चार जिलों से ही Driving Training Center के लिए आवश्यक जानकारी मिल सकी । रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने के कारण Driving Training Center योजना की आगे की प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित हुई।
2. 19.73 करोड़ रुपये का बजट लैप्स
वित्तीय वर्ष 2022-23 में Driving Training Center के लिए 19.73 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया था । भवन निर्माण विभाग और जेएसबीसीसीएल को Driving Training Center का मॉडल डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
लेकिन समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण Driving Training Center के लिए उपलब्ध बजट राशि खर्च नहीं की जा सकी और वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद पूरी राशि वापस करनी पड़ी । यह Driving Training Center योजना में सरकारी स्तर पर गंभीर कमियों को दर्शाता है।
3. Driving Training Center के लिए 21 जिलों में जमीन चिन्हित
लेखापरीक्षा में सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि जब राज्य के 21 जिलों में Driving Training Center के लिए 2 से 13 एकड़ तक जमीन पहले ही चिन्हित की जा चुकी थी, तो उन्हीं जमीनों का इस्तेमाल करने के बजाय Driving Training Center के लिए नये सिरे से जमीन तलाशने की प्रक्रिया क्यों शुरू की गयी । इससे Driving Training Center की पूरी प्रक्रिया और लंबी हो गई।
जिला स्तर के Driving Training Center के लिए केंद्र सरकार ने करीब दो एकड़ जमीन की जरूरी बताई थी । ऐसे में Driving Training Center के लिए पहले से चिन्हित जमीन का उपयोग नहीं हो पाना और Driving Training Center परियोजना का वर्षों तक लंबित रहना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
4. 2017 में लिया गया था निर्णय
झारखंड में Driving Training Center स्थापित करने का निर्णय पहली बार मार्च 2017 में लिया गया था । उस समय केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने झारखंड में Driving Training Center खोलने की बात कही थी और राज्य सरकार ने आठ स्थानों पर जमीन चिन्हित की थी।
बाद में नवंबर 2018 में परिवहन विभाग ने Driving Training Center के निर्माण की निगरानी अपने स्तर से कराने का निर्णय लिया । इसके बावजूद Driving Training Center योजना को जमीन पर उतारने में लगातार देरी होती रही।
5. केंद्र सरकार के मानक और झारखंड की स्थिति
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अगस्त 2021 में Driving Training Center और लाइसेंसिंग व्यवस्था को मानकीकृत करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे । इसमें Driving Training Center को तीन स्तरों पर स्थापित करने की बात कही गई थी – चालक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय Driving Training Center और जिला Driving Training Center।
जिला स्तर के Driving Training Center के लिए करीब दो एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई थी । वर्तमान में झारखंड में सिर्फ धनबाद जिले में ही भारी वाहनों के लिए मोटर ड्राइविंग Driving Training Center है । अन्य जिलों में Driving Training Center की कमी के कारण चालकों को भारी वाहन का लाइसेंस लेने के लिए धनबाद जाना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है।
6. Driving Training Center की वर्तमान स्थिति
काफी देरी के बाद जेएसबीसीसीएल ने अगस्त 2024 में Driving Training Center के लिए करीब 4.93 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला मॉडल डीपीआर तैयार किया । लेकिन इसके बाद भी Driving Training Center को अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी।
नवंबर 2024 में Driving Training Center के लिए अलग-अलग सुविधाओं के तहत तीन स्वतंत्र डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया गया । इन Driving Training Center में स्वचालित परीक्षण पथ, परिवहन भवन समेत मान्यता प्राप्त और जिला स्तरीय Driving Training Center शामिल थे।
हालांकि, एक सकारात्मक पहल यह भी है कि जुलाई 2026 में झारखंड सरकार और टाटा मोटर्स के बीच जमशेदपुर में एक इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR) स्थापित करने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए गए । यह Driving Training Center लगभग 22.03 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा, जिसमें केंद्र सरकार 17 करोड़ रुपये, झारखंड सरकार 3.21 करोड़ रुपये और टाटा मोटर्स 1.82 करोड़ रुपये का योगदान देगी ।
Driving Training Center की योजना तीन साल से अधिक समय से अटकी हुई है और 21 जिलों में Driving Training Center के लिए जमीन चिन्हित होने के बावजूद काम शुरू नहीं हो सका है। Driving Training Center के लिए 19.73 करोड़ रुपये का बजट लैप्स हो गया और Driving Training Center की डीपीआर प्रक्रिया में लगातार देरी हो रही है। अब उम्मीद है कि IDTR जैसे Driving Training Center के माध्यम से इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।
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