
IIM रांची ने जारी की पहली हिंदी गृह पत्रिका ‘आईआईएम रांची वाणी’, 65 से अधिक रचनाओं को मिला मंच
हिंदी पखवाड़ा के समापन पर ऋत्विक उदयन ने किया विमोचन; विद्यार्थियों ने नाटक प्रस्तुत किए और नेतृत्व पर हुआ संवाद

रांची। IIM रांची ने हिंदी पखवाड़ा 2026 के समापन समारोह में अपनी पहली हिंदी गृह पत्रिका ‘आईआईएम रांची वाणी’ का विमोचन किया। पत्रिका का विमोचन डेलॉइट के कार्यकारी निदेशक और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के पौत्र ऋत्विक उदयन ने किया।
पत्रिका में संस्थान के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों की 65 से अधिक हिंदी रचनाएँ संकलित हैं। इनमें लेख, यात्रा संस्मरण, कविताएँ, शायरी और निबंध शामिल हैं। संस्थान की इस पहल से परिसर के लेखकों को अपनी रचनाएँ साझा करने का मंच मिला है। कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. सत्यम ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया।
‘रश्मिरथी’ के पाठ के साथ नेतृत्व पर बातचीत
समारोह में ऋत्विक उदयन ने दिनकर की कृति ‘रश्मिरथी’ का सस्वर पाठ किया। इसके बाद नेतृत्व पर अपने संबोधन में उन्होंने साहित्यिक मूल्यों को जीवन और कार्यशैली से जोड़ने की बात कही। विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उन्होंने प्रतिभा को समय पर पहचानने, अहंकार से दूर रहने और असफलताओं से सीखकर गलतियाँ न दोहराने को सफलता के तीन महत्वपूर्ण सूत्र बताया।
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए दो नाटक
IIM रांची के ड्रामेबाज क्लब के विद्यार्थियों ने समापन समारोह में ‘अंतराल’ और ‘दो तरफा’ नाटकों का मंचन किया। साहित्य, रंगमंच और नेतृत्व पर संवाद के साथ हिंदी पखवाड़ा का समापन हुआ।




