1. Department of School Education and Literacy – क्या है पूरा मामला?
झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षात्मक बैठक हुई। इस department of school education and literacy की बैठक में राज्य की शैक्षणिक योजनाओं और प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई.
Department of school education and literacy की इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शैक्षणिक योजनाओं का लाभ समयबद्धता के साथ विद्यार्थियों तक पहुंचाने का निर्देश दिया.
बैठक में department of school education and literacy के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्य योजना की विस्तृत समीक्षा की गई.
सबसे बड़ी उपलब्धि: ड्रॉप आउट मामलों में झारखंड राष्ट्रीय औसत से आगे है.
2. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षात्मक बैठक
Department of school education and literacy की यह बैठक 26 मई 2026 को आयोजित की गई:
बैठक की जानकारी:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तारीख | 26 मई 2026 |
| स्थान | झारखंड मंत्रालय, रांची |
| अध्यक्षता | मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन |
| प्रेस विज्ञप्ति | क्रमांक – 203/2026 |
बैठक में department of school education and literacy के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.
3. CM के 5 बड़े निर्देश
Department of school education and literacy की बैठक में मुख्यमंत्री ने 5 बड़े निर्देश दिए:
| क्रम | निर्देश |
|---|---|
| 1 | सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार करने की योजना पर तेजी से कार्य करें |
| 2 | ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्ता शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करें |
| 3 | विद्यालयों में क्वालिटी एजुकेशन के साथ-साथ खेल गतिविधियों को बढ़ावा दें |
| 4 | शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को गति दें |
| 5 | नव नियुक्त शिक्षकों को ससमय वेतन मिले, इसके लिए वेरिफिकेशन इस माह के अंत तक पूरा करें |
ये सभी निर्देश department of school education and literacy के लिए अहम हैं.
4. ड्रॉप आउट मामलों में सुधार – राष्ट्रीय औसत से आगे झारखंड
Department of school education and literacy की बैठक में यह जानकारी दी गई:
ड्रॉप आउट के आंकड़े:
| पहलू | स्थिति |
|---|---|
| प्राथमिक शिक्षा | ड्रॉप आउट में कमी |
| माध्यमिक शिक्षा | ड्रॉप आउट में कमी |
| राष्ट्रीय औसत | झारखंड आगे |
मुख्यमंत्री ने कहा:
“ड्रॉप आउट के मामले में झारखंड राष्ट्रीय औसत से अच्छा है।”
Department of school education and literacy द्वारा अभियान चलाकर ड्रॉप आउट बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा रहा है.
5. सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस 5 हजार करने की योजना
Department of school education and literacy के तहत एक बड़ी योजना पर काम हो रहा है:
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| वर्तमान संख्या | बढ़ाई जा रही है |
| लक्ष्य | 5 हजार स्कूल |
| उद्देश्य | प्रत्येक पंचायत तक क्वालिटी एजुकेशन |
मुख्यमंत्री ने कहा:
“राज्य के भीतर सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार किए जाने की कार्य योजना पर तेजी से कार्य करें।”
6. शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को गति देने के निर्देश
Department of school education and literacy की बैठक में शिक्षक नियुक्ति पर विशेष जोर दिया गया:
शिक्षक नियुक्ति के निर्देश:
| निर्देश | विवरण |
|---|---|
| प्रक्रिया तेज करें | नियुक्ति प्रक्रिया को गति दें |
| रिक्त पद भरें | शिक्षकों के शत प्रतिशत पदों को भरें |
| वेतन सुनिश्चित करें | नव नियुक्त शिक्षकों को ससमय वेतन मिले |
मुख्यमंत्री ने कहा:
“पिछले कुछ महीनों में हजारों की संख्या में शिक्षकों की बहाली हुई है, नियुक्ति प्रक्रिया निरंतर जारी रखते हुए रिक्त पदों को भरा जाए।”
7. नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय – अभिवंचित बच्चों को निःशुल्क शिक्षा
Department of school education and literacy के तहत संचालित आवासीय विद्यालय:
आवासीय विद्यालयों की जानकारी:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल विद्यालय | 26 |
| कुल बच्चे | लगभग 4 हजार |
| सुविधाएं | रहने-खाने की पूरी व्यवस्था, निःशुल्क शिक्षा |
मुख्यमंत्री ने कहा:
“अभिवंचित वर्ग के बच्चों को आवासीय सुविधा सहित क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करें।”
8. विद्यालयों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश
Department of school education and literacy की बैठक में खेल को भी प्राथमिकता दी गई:
खेल गतिविधियों के निर्देश:
| निर्देश | विवरण |
|---|---|
| खेल को बढ़ावा | शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दें |
| प्रतिभाओं की पहचान | अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को चिन्हित करें |
| स्पोर्ट्स किट | विद्यालयों में बच्चों को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराएं |
मुख्यमंत्री ने कहा:
“वैसे बच्चों को चिन्हित करें, जो खेल प्रतिस्पर्धा में बहुत अच्छा परफॉर्मेंस कर रहे हैं, ताकि उन्हें खेल के क्षेत्र में और आगे बढ़ाया जा सके।”
9. दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय – शहीद पुलिस कर्मियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा
Department of school education and literacy के तहत एक नया विद्यालय प्रस्तावित है:
प्रस्तावित विद्यालय की जानकारी:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय |
| स्थान | जगुआर कैंपस, रांची |
| भूमि | 6 एकड़ |
| लाभार्थी | शहीद पुलिस कर्मियों के बच्चे |
| सुविधा | निःशुल्क शिक्षा |
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया:
“एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को इस प्रस्ताव से संबंधित डीपीआर समर्पित करें।”
10. बाहरी संसाधन (DoFollow लिंक)
Department of school education and literacy से जुड़ी अधिक आधिकारिक जानकारी के लिए:
- झारखंड सरकार का आधिकारिक पोर्टल – राज्य की शिक्षा नीतियों की जानकारी
- शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार – राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दिशानिर्देश
- राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) – शैक्षिक गुणवत्ता के मानक
ये बाहरी लिंक department of school education and literacy को और गहराई से समझने में मदद करेंगे.
11. निष्कर्ष – शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड की मजबूत प्रतिबद्धता
Department of school education and literacy की इस बैठक ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं.
मुख्य बातें (एक नजर में):
| क्रम | बातें |
|---|---|
| 1 | Department of school education and literacy की बैठक CM हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में |
| 2 | ड्रॉप आउट मामलों में झारखंड राष्ट्रीय औसत से आगे |
| 3 | सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस 5 हजार करने की योजना |
| 4 | शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को गति देने के निर्देश |
| 5 | दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय – शहीद पुलिस कर्मियों के बच्चों के लिए |
शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड का लक्ष्य:
| लक्ष्य | विवरण |
|---|---|
| गुणवत्तापूर्ण शिक्षा | ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक |
| शिक्षकों की कमी दूर | सभी रिक्त पद भरे जाएंगे |
| खेल को बढ़ावा | शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियां |
| अभिवंचित बच्चे | आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा |
निष्कर्ष: Department of school education and literacy की इस बैठक ने साबित कर दिया कि झारखंड सरकार शिक्षा के क्षेत्र में पूरी तरह प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में ड्रॉप आउट में सुधार, सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का विस्तार, शिक्षक नियुक्तियां और आवासीय विद्यालयों का संचालन – ये सभी कदम राज्य के बच्चों को बेहतर भविष्य देने की दिशा में उठाए गए हैं. अब इन योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करना अहम है.
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