भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ योजना की शुरुआत की है। इसके तहत हर छात्र को APAAR ID (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) दी जा रही है, जो एक 12 अंकों की स्थायी डिजिटल पहचान है । यह आईडी छात्र की पूरी शैक्षणिक यात्रा को डिजिटल रूप से संग्रहीत करती है, जिसमें मार्कशीट, सर्टिफिकेट, डिग्री और सह-पाठ्यक्रम उपलब्धियां शामिल हैं । लेकिन इसके लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य है। सहमति देने से पहले अपने अधिकारों को जानना बेहद जरूरी है।
APAAR ID के लिए अभिभावकों की सहमति क्यों जरूरी है?
चूंकि अधिकतर छात्र नाबालिग होते हैं, इसलिए APAAR ID बनाने के लिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक की स्पष्ट लिखित सहमति अनिवार्य है । स्कूल बिना इस सहमति के बच्चे की APAAR ID नहीं बना सकते । यह सहमति डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम, 2023 के तहत भी अनिवार्य है, जो बच्चों के व्यक्तिगत डेटा को संसाधित करने के लिए स्पष्ट सहमति की मांग करता है ।
क्या APAAR ID अनिवार्य है?
APAAR ID पूरी तरह स्वैच्छिक है । केंद्र सरकार ने संसद में भी स्पष्ट किया था कि यह अनिवार्य नहीं है । सुप्रीम कोर्ट ने भी इस बात पर जोर दिया है कि अगर योजना स्वैच्छिक है तो अभिभावकों को इसमें शामिल होने या न होने का स्पष्ट विकल्प मिलना चाहिए । हालांकि, कुछ स्कूलों में छात्रों पर इसे बनवाने का दबाव डाला जा रहा है, जिसकी सुप्रीम कोर्ट ने आलोचना की है ।
अभिभावकों के क्या अधिकार हैं?
1. सहमति देने या मना करने का अधिकार
अभिभावकों को APAAR ID बनवाने की सहमति देने या मना करने का पूरा अधिकार है । ओडिशा हाईकोर्ट ने 12 दिसंबर 2025 को अपने फैसले में कहा था कि सहमति फॉर्म में स्पष्ट रूप से “हां” या “ना” का विकल्प होना चाहिए । सुप्रीम कोर्ट ने इस निर्देश को पूरे देश में लागू करने की बात कही है ।
2. सहमति वापस लेने का अधिकार
अभिभावक किसी भी समय अपनी सहमति वापस ले सकते हैं । स्कूलों को इसकी जानकारी देनी होगी और उसके बाद नया डेटा संसाधित नहीं किया जाएगा । हालांकि, पहले से संसाधित डेटा प्रभावित नहीं होगा ।
3. डेटा सुरक्षा का अधिकार
अभिभावकों को यह जानने का अधिकार है कि उनके बच्चे का डेटा कैसे संग्रहीत, उपयोग और साझा किया जाएगा। APAAR ID के तहत एकत्रित डेटा का उपयोग शैक्षणिक उद्देश्यों तक सीमित होना चाहिए । याचिकाकर्ताओं ने चिंता जताई है कि डेटा को “सीमित उद्देश्यों” और “हितधारकों” जैसी अस्पष्ट शर्तों के तहत साझा किया जा सकता है ।
डेटा सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं
विशेषज्ञों और याचिकाकर्ताओं ने APAAR ID को लेकर कई गंभीर चिंताएं जताई हैं :
- डेटा सेंट्रलाइजेशन: बड़ी मात्रा में बच्चों का डेटा एक जगह इकट्ठा होने से डेटा लीक का खतरा बढ़ जाता है । एक सेंट्रल डेटाबेस में सेंध लगने से लाखों छात्रों की निजी जानकारी समझौता हो सकती है ।
- आधार से लिंकिंग: APAAR ID को आधार से जोड़ा जाता है । सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में प्रवेश के लिए आधार अनिवार्य नहीं है, लेकिन APAAR ID के लिए आधार की आवश्यकता होती है । इसे सरकार द्वारा न्यायिक निर्णय को दरकिनार करने का प्रयास माना जा रहा है .
- गोपनीयता का उल्लंघन: याचिकाकर्ताओं का कहना है कि बिना स्पष्ट सहमति के APAAR ID बनवाने का दबाव निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है । सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है .
- विधिक आधार का अभाव: APAAR ID वर्तमान में केवल शिक्षा मंत्रालय के सर्कुलर के आधार पर लागू की जा रही है, जबकि इतनी बड़ी डेटा संग्रहण योजना के लिए संसद द्वारा बनाया गया कानून होना चाहिए .
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने APAAR ID मामले में कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां की हैं :
- ओडिशा हाईकोर्ट के निर्देश को पूरे देश में लागू करने की बात कही है
- CBSE को स्पष्ट रूप से अभिभावकों को सहमति देने या मना करने का विकल्प उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है
- डेटा सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े मुद्दों की जांच करने को कहा है
सहमति देने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- स्वैच्छिकता: याद रखें कि APAAR ID बनवाना अनिवार्य नहीं है। आप अपने बच्चे के लिए यह आईडी बनवाने से मना कर सकते हैं .
- स्पष्ट विकल्प: स्कूल द्वारा दिए गए सहमति फॉर्म में “हां” या “ना” का स्पष्ट विकल्प होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है तो आप स्कूल प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं .
- डेटा उपयोग: जानें कि आपके बच्चे का डेटा किस उद्देश्य के लिए, किसके साथ और कितनी देर तक साझा किया जाएगा .
- सहमति वापसी: आप किसी भी समय अपनी सहमति वापस ले सकते हैं, लेकिन पहले से संसाधित डेटा प्रभावित नहीं होगा .
- शैक्षणिक अधिकार: APAAR ID न बनवाने पर बच्चे को प्रवेश, परीक्षा, मार्कशीट या किसी अन्य शैक्षणिक सुविधा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए .
बाहरी संसाधन
- APAAR ID आधिकारिक वेबसाइट: https://apaar.education.gov.in
- DigiLocker आधिकारिक वेबसाइट: https://www.digilocker.gov.in
- सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया: https://main.sci.gov.in
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