
Asian Games 2026: गोल्ड जीतकर लौटीं झारखंड की बेटियां, CM हेमंत सोरेन ने मिठाई खिलाकर किया सम्मानित
भारतीय महिला हॉकी टीम की ऐतिहासिक जीत में झारखंड की चार खिलाड़ियों का रहा अहम योगदान, सलीमा टेटे की कप्तानी में भारत ने 44 साल बाद जीता गोल्ड

रांची. एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर देश और झारखंड का नाम रोशन करने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की झारखंड की खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने खिलाड़ियों का स्वागत किया।
इस मौके पर खिलाड़ियों को मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी गई और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धि की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
झारखंड की चार खिलाड़ियों ने बढ़ाया प्रदेश का मान

भारतीय महिला हॉकी टीम की इस ऐतिहासिक जीत में झारखंड की सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग का अहम योगदान रहा। झारखंड के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि भारतीय टीम की कप्तानी सिमडेगा की सलीमा टेटे ने की। उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
चीन को 1-0 से हराकर भारत ने जीता गोल्ड

एशियन गेम्स 2026 के महिला हॉकी फाइनल में भारतीय टीम ने चीन को 1-0 से मात देकर स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में लंबे इंतजार के बाद गोल्ड अपने नाम किया। टीम की जीत के बाद झारखंड में भी खुशी का माहौल रहा, क्योंकि भारतीय टीम में राज्य की चार खिलाड़ियों ने प्रतिनिधित्व किया।
सिमडेगा और खूंटी से निकलीं देश की हॉकी स्टार
झारखंड की इन खिलाड़ियों का प्रदेश की हॉकी परंपरा से गहरा जुड़ाव है। निक्की प्रधान खूंटी की रहने वाली हैं, जबकि सलीमा टेटे, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग सिमडेगा से आती हैं। सिमडेगा लंबे समय से देश को कई बेहतरीन हॉकी खिलाड़ी देता रहा है और इसे झारखंड में हॉकी की नर्सरी के रूप में भी जाना जाता है।
सलीमा टेटे की कप्तानी में बड़ी उपलब्धि

इस बार की जीत ने झारखंड के लिए खास इतिहास भी रचा। सिमडेगा की बेटी सलीमा टेटे की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक हासिल किया।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने चारों खिलाड़ियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए आगे भी देश और राज्य का नाम रोशन करने की शुभकामनाएं दीं। भारतीय महिला हॉकी टीम की यह सफलता झारखंड की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनकर सामने आई है।





