तोरपा में तीन हॉकी खिलाड़ियों का सम्मान, विनीमा ने घर में शौचालय तो साथी खिलाड़ियों ने आवास और सड़क की समस्या रखी

तोरपा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी में देश और झारखंड का नाम रोशन करने वाली खिलाड़ियों को सम्मान मिला, लेकिन इसी कार्यक्रम में उनकी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं। तोरपा में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान हॉकी खिलाड़ी विनीमा धान ने अपने घर में शौचालय नहीं होने की समस्या विधायक सुदीप गुड़िया के सामने रखी और निर्माण कराने की मांग की।
2 अक्टूबर को तोरपा विधायक के आवासीय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विनीमा धान, रोशनी आइंद और अंडर-18 एशिया कप की कांस्य पदक विजेता नीलम तोपनो को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों से उनके प्रशिक्षण और सुविधाओं से जुड़ी जरूरतों पर भी बातचीत हुई।
विनीमा ने बताई घर की समस्या
विनीमा धान ने बताया कि कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ स्थित बांभन टोली में उनके घर में अब तक शौचालय की सुविधा नहीं है। उन्होंने विधायक से इस समस्या के समाधान की मांग की। मामला सामने आने के बाद विधायक सुदीप गुड़िया ने संबंधित विभाग से कार्रवाई कराने और शौचालय निर्माण की दिशा में पहल का भरोसा दिया।
साथी खिलाड़ियों ने भी रखीं अपनी समस्याएं
कार्यक्रम में शामिल दूसरी खिलाड़ी रोशनी आइंद के परिवार की ओर से भी आवास की समस्या सामने रखी गई। उनका परिवार तोरपा प्रखंड के उयूर गुड़िया गांव में रहता है और घर की जरूरत बताई गई।
वहीं, नीलम तोपनो ने भी आवास के साथ-साथ सड़क से जुड़ी समस्या का जिक्र किया। इस दौरान खिलाड़ियों ने बेहतर खेल मैदान, आधुनिक खेल सामग्री, नियमित प्रशिक्षण, पौष्टिक भोजन और उच्च स्तरीय कोचिंग की जरूरत पर भी जोर दिया।
एक तरफ अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि, दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं की कमी
विनीमा धान की शौचालय की मांग ने खेल उपलब्धियों के साथ खिलाड़ियों के सामने मौजूद बुनियादी सुविधाओं के सवाल को भी सामने ला दिया है। ग्रामीण इलाकों से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने वाली इन खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं के साथ रहने और मूलभूत जरूरतों की व्यवस्था भी अहम है।
विधायक ने दिया सहयोग का भरोसा
सम्मान समारोह के दौरान विधायक सुदीप गुड़िया ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना की और क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं देने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए सहयोग का भरोसा भी दिया।
अधिकारी ने बताया शौचालय निर्माण को लेकर प्रावधान
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार के अनुसार, जिन परिवारों के घर में शौचालय नहीं है, वे स्वयं शौचालय निर्माण करा सकते हैं। इसके बाद पात्र लाभुक को ₹12 हजार की सहायता राशि देने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि लाभुकों की मदद के लिए प्रत्येक प्रखंड में को-ऑर्डिनेटर की व्यवस्था भी है।
सम्मान समारोह में सामने आई इन समस्याओं के बाद अब संबंधित विभागों की ओर से कार्रवाई का इंतजार है।




