
स्टेशन पर गंदगी फैलाना पड़ेगा महंगा, रेलवे ने बढ़ाया जुर्माना; अब 2000 रुपये तक लगेगा फाइन
रेलवे ने 2012 के स्वच्छता संबंधी नियमों में किया संशोधन, स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों को जागरूक करने के लिए चलाया जाएगा अभियान

रांची। रेलवे स्टेशन या ट्रेन में गंदगी फैलाने वाले यात्रियों के लिए अब परेशानी बढ़ सकती है। रेलवे ने रेल परिसर में स्वच्छता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर लगाए जाने वाले जुर्माने के नियमों में बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत गंदगी फैलाने पर 2000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
पहले ऐसे मामलों में जुर्माने की राशि 100 से 500 रुपये तक थी। अब इसे बढ़ाकर अधिकतम 2000 रुपये तक किया गया है। रेलवे का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों को साफ-सफाई के प्रति ज्यादा जिम्मेदार बनाना और स्टेशन व ट्रेनों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना है।
स्टेशन से ट्रेन तक यात्रियों को रहना होगा सावधान
ट्रेन का इंतजार करते समय प्लेटफॉर्म पर कचरा फेंकना, स्टेशन परिसर को गंदा करना या ट्रेन के अंदर गंदगी फैलाना यात्रियों को भारी पड़ सकता है। रेलवे अब इन नियमों को लेकर यात्रियों के बीच जागरूकता बढ़ाने की तैयारी में है।
रेलवे स्टेशनों और यात्री डिब्बों में पोस्टर और सूचनाएं लगाई जाएंगी। इसके अलावा जन उद्घोषणा के जरिए भी यात्रियों को नियमों की जानकारी दी जाएगी। रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से भी स्वच्छता नियमों का प्रचार किया जाएगा।
2012 के नियम में हुआ बदलाव
रेल मंत्रालय ने भारतीय रेल (रेल परिसर में स्वच्छता को प्रभावित करने वाले क्रियाकलापों हेतु शास्तियां) नियम, 2012 में संशोधन किया है। यह बदलाव रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 60 के तहत मिली शक्तियों के आधार पर किया गया है।
इस संशोधन को लेकर अधिसूचना 25 अगस्त 2026 को जारी की गई थी। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने 18 सितंबर 2026 को वाणिज्य परिपत्र जारी कर सभी क्षेत्रीय रेलों को संशोधित नियमों का व्यापक प्रचार करने का निर्देश दिया।
जुर्माने की राशि का रखा जाएगा रिकॉर्ड
रेलवे बोर्ड ने क्षेत्रीय रेलों को स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया तय करने और इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने को कहा है। वसूले गए जुर्माने का पूरा रिकॉर्ड संबंधित मदों में रखा जाएगा। मुख्य वाणिज्य प्रबंधक को जुर्माने से जुड़ी जानकारी एमसीडीओ में दर्ज करने और इसकी सूचना रेलवे बोर्ड को देने का भी निर्देश दिया गया है।




