Railway Rules: AC कोच में नहीं मिला बेडशीट-कंबल? तो ₹20 का रिफंड पाएं, जानें क्या है नियम

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Railway Rules: AC कोच में नहीं मिला बेडशीट-कंबल? तो ₹20 का रिफंड पाएं, जानें क्या है नियम

ट्रेन के एसी कोच में सफर के दौरान बेडशीट, तकिया, तौलिया या कंबल नहीं मिलने पर यात्री इसकी शिकायत कर सकते हैं। Railway Rules के तहत, कुछ परिस्थितियों में निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद यात्री ₹20 के रिफंड का दावा भी कर सकते हैं । हालांकि रिफंड के लिए जरूरी है कि यात्री समय रहते शिकायत दर्ज कराए।

विषय सूची

  1. Railway Rules: किन कोचों में मिलती है बेडरोल सुविधा
  2. RAC टिकट वाले यात्रियों के लिए Railway Rules
  3. बेडरोल न मिलने पर क्या करें?
  4. Railway Rules: ₹20 रिफंड पाने की प्रक्रिया
  5. साफ-सुथरा बेडरोल न मिले तो क्या करें
  6. बेडरोल चोरी और रेलवे के नियम
  7. कितने दिन बाद बदले जाते हैं बेडरोल के सामान

1. Railway Rules: किन कोचों में मिलती है बेडरोल सुविधा

Railway Rules के अनुसार, भारतीय रेलवे के एसी कोचों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बेडरोल की सुविधा टिकट के किराए में ही शामिल होती है । Railway Rules के तहत यह सुविधा मुख्य रूप से AC First Class, AC 2-Tier और AC 3-Tier के यात्रियों के लिए होती है 

हर बेडरोल किट में एक कंबल, दो बेडशीट, एक तकिया, एक तकिया कवर और एक तौलिया शामिल होता है । Railway Rules के मुताबिक, दो बेडशीट इसलिए दी जाती हैं ताकि एक सीट पर बिछाने के लिए और दूसरा कंबल के साथ ओढ़ने के लिए इस्तेमाल किया जा सके। इससे कंबल सीधे यात्री के शरीर के संपर्क में नहीं आता 

Railway Rules के अनुसार, गरीब रथ जैसी ट्रेनों में बेडरोल का विकल्प अतिरिक्त शुल्क पर उपलब्ध होता है । स्लीपर क्लास में Railway Rules के तहत बेडरोल नहीं मिलता, हालांकि कुछ विशेष ट्रेनों में ऑनलाइन बुकिंग के दौरान अतिरिक्त भुगतान करके इसकी मांग की जा सकती है 

2. RAC टिकट वाले यात्रियों के लिए Railway Rules

Railway Rules में हाल ही में बड़ा बदलाव किया गया है। Railway Rules के तहत अब RAC Reservation Against Cancellation टिकट वाले यात्री भी एसी कोचों में पूरी बेडरोल किट के हकदार हैं । यह नियम 18 दिसंबर 2023 को रेलवे बोर्ड द्वारा जारी किए गए आदेश के बाद लागू हुआ 

Railway Rules के अनुसार, इससे पहले RAC टिकट वाले यात्रियों को एक सीट पर केवल एक बेडरोल मिलता था, जबकि किराए में बेडरोल का शुल्क भी शामिल होता था । अब Railway Rules स्पष्ट करते हैं कि भले ही एक सीट पर दो लोग सफर कर रहे हों, दोनों यात्री Railway Rules के तहत अलग-अलग बेडरोल पाने के हकदार हैं 

3. बेडरोल न मिलने पर क्या करें?

यदि एसी कोच में यात्रा के दौरान बेडरोल नहीं मिलता है, तो Railway Rules के तहत यात्री निम्नलिखित कदम उठा सकता है:

पहला कदम – संबंधित कोच अटेंडेंट से संपर्क करें और अपना टिकट दिखाकर बेडरोल की मांग करें । कई बार वितरण में देरी या सामान की कमी के कारण समस्या होती है, जिसे अटेंडेंट के स्तर पर ही दूर किया जा सकता है।

दूसरा कदम – अगर अटेंडेंट बेडरोल देने से मना करता है या स्टॉक खत्म होने का बहाना बनाता है, तो Railway Rules के तहत तुरंत टीटीई Train Ticket Examiner से शिकायत करें 

तीसरा कदम – Railway Rules के अनुसार, यात्री मोबाइल ऐप RailMadad या 139 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके तुरंत अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं 

4. Railway Rules: ₹20 रिफंड पाने की प्रक्रिया

Railway Rules के तहत ₹20 रिफंड पाने के लिए निम्न प्रक्रिया अपनानी होगी :

शर्त – Railway Rules के अनुसार, रिफंड पाने के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि यात्री ट्रेन के टीटीई या कंडक्टर से “Non Supply of Bedroll Certificate” बनवा लें 

समय सीमा – Railway Rules के तहत रिफंड का दावा ट्रेन के गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने के 20 घंटे के भीतर दर्ज कराना होगा 

दस्तावेज – Railway Rules के अनुसार, रिफंड काउंटर पर मूल यात्रा टिकट और टीटीई के जरिए जारी बेडरोल न मिलने का प्रमाण पत्र जमा करना होगा 

Railway Rules की यह रिफंड व्यवस्था भले ही ₹20 की छोटी राशि के लिए है, लेकिन यह यात्रियों को Railway Rules के तहत टिकट में शामिल सेवाएं नहीं मिलने पर शिकायत और दावा करने का अधिकार देती है 

5. साफ-सुथरा बेडरोल न मिले तो क्या करें

Railway Rules के अनुसार, यदि यात्री को सील टूटा हुआ, गंदा, बदबूदार या फटा हुआ बेडरोल मिलता है, तो उसे चुपचाप सहन करने की आवश्यकता नहीं है । Railway Rules के तहत भारतीय रेलवे का एकीकृत शिकायत निवारण पोर्टल RailMadad 139 चौबीसों घंटे काम करता है 

Railway Rules के अनुसार शिकायत दर्ज करने के तीन आसान तरीके हैं:

  • RailMadad ऐप या वेब पोर्टल के माध्यम से PNR नंबर डालकर शिकायत दर्ज करें और गंदे बेडरोल की फोटो अपलोड करें 
  • 139 पर SMS भेजकर शिकायत दर्ज करें 
  • 139 पर कॉल करके सीधे कॉल सेंटर एग्जीक्यूटिव से बात करें 

Railway Rules के अनुसार, शिकायत दर्ज होते ही यात्री को एक यूनिक Complaint Reference Number CRN प्राप्त होता है । Railway Rules के तहत 15 से 30 मिनट के भीतर कोच अटेंडेंट आकर पुराना बेडरोल बदलकर नया और साफ बेडरोल प्रदान करता है 

6. बेडरोल चोरी और रेलवे के नियम

हाल के वर्षों में Railway Rules के तहत बेडरोल की चोरी एक बड़ी समस्या बन गई है। Railway Rules के अनुसार, पुणे रेलवे डिवीजन से पिछले पांच वर्षों में 2.06 लाख से अधिक बेडरोल आइटम गायब हो गए हैं, जिनकी कीमत ₹2.81 करोड़ है । Railway Rules के मुताबिक, बेडशीट सबसे अधिक चोरी होने वाली वस्तु है, इसके बाद तकिया कवर, तौलिया, कंबल और तकिए का स्थान है 

Railway Rules के तहत, निजी ठेकेदार पर यात्रियों को बेडरोल प्रदान करने और उन्हें वापस इकट्ठा करने की पूरी जिम्मेदारी होती है । Railway Rules के अनुसार, यदि बेडरोल गायब पाए जाते हैं तो ठेकेदार के बिल से मुआवजा वसूला जाता है । Railway Rules में यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे ट्रेन से उतरने से पहले बेडरोल की वस्तुएं वापस लौटा दें और रेलवे की संपत्ति को अपने साथ न ले जाएं 

Railway Rules के अनुसार, RTI के जरिए प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच 1.27 करोड़ बेडरोल आइटम चोरी हुए । Railway Rules के तहत इन चोरियों की वजह से रेलवे के ठेकेदारों को 104.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है 

7. कितने दिन बाद बदले जाते हैं बेडरोल के सामान

Railway Rules के अनुसार, बेडरोल किट के प्रत्येक सामान की एक निश्चित सेवा अवधि होती है, जिसे Railway Rules में Codal Life कहा जाता है । Railway Rules के तहत निर्धारित समय अवधि इस प्रकार है :

  • बेडशीट हथकरघा: 12 महीने 1 वर्ष
  • बेडशीट पॉलीवास्त्र: 24 महीने 2 वर्ष
  • तकिया कवर: 9 महीने
  • तौलिया: 9 महीने
  • तकिया: 24 महीने 2 वर्ष
  • ऊनी कंबल: 24 महीने 2 वर्ष

Railway Rules के मुताबिक, चादर, तकिया कवर और तौलिया को हर इस्तेमाल के बाद धोया जाता है, जबकि ऊनी कंबल को महीने में 1 से 2 बार धोया जाता है । Railway Rules के तहत समय-समय पर रेल प्रशासन इन सामग्रियों के उपयोग और स्थिति की समीक्षा करता है ताकि यात्रियों को फटे या पुराने कपड़े न मिलें । Railway Rules यह भी सुनिश्चित करते हैं कि यदि कोई सामान निर्धारित अवधि से पहले घिस जाता है, तो उसे तुरंत सेवाओं से हटाकर नष्ट या नीलाम कर दिया जाता है 

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