JPSC परीक्षा में गड़बड़ियों का खुलासा, जांच में कॉपियों की कटिंग और नंबरों में हेरफेर के आरोप

0
66
Share This Post

सीआईडी जांच में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले। कॉपी मूल्यांकन, अंक संशोधन और दस्तावेजों में कथित हेरफेर को लेकर जांच तेज हो गई है।

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में सीआईडी की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं, मूल्यांकन प्रक्रिया और अंक संशोधन से जुड़े कई गंभीर बिंदु सामने आए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। जांच में यह आरोप सामने आया है कि कुछ उत्तर पुस्तिकाओं में कटिंग-छांट, ओवरराइटिंग और नंबरों में कथित हेरफेर किया गया। साथ ही मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान अंक बढ़ाने और कम करने से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है।

सीआईडी की जांच के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं में ऐसे परिवर्तन पाए गए, जिनकी वैधता की जांच की जा रही है। इसके अलावा मूल्यांकन से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसी ने इस मामले में बीआईटी मेसरा, वीडियागेन टेक्नोलॉजी, सीएसआईआर-सीएमईआरआई (दुर्गापुर), गुजरात फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी तथा केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) जैसी संस्थाओं से तकनीकी और फोरेंसिक सहायता ली है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ उत्तर पुस्तिकाओं में ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (OMR) शीट, बारकोड, हस्तलेखन, पेज क्रम और अंक प्रविष्टि से जुड़े पहलुओं की भी जांच की गई। विशेषज्ञों ने उत्तर पुस्तिकाओं के भौतिक और डिजिटल दोनों प्रकार के परीक्षण किए। सीआईडी ने कुछ परीक्षार्थियों, मूल्यांकन से जुड़े अधिकारियों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए हैं। मामले से जुड़े कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त कर उनका परीक्षण किया जा रहा है।

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) में मूल मूल्यांकन की तुलना में काफी अधिक अंक दिए गए। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ मामलों में यह अंतर लगभग 80 प्रतिशत तक पाया गया, जिसकी जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त, प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा के अंकों के मिलान, दस्तावेजों के सत्यापन और परीक्षा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की भी समीक्षा की जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि सभी तथ्यों और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष और किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी का निर्धारण जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here