मौसम विज्ञान केंद्र ने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव को देखते हुए 23 से 26 जुलाई तक रांची समेत कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। प्रभावित जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

रांची: झारखंड में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में 23 से 26 जुलाई तक भारी बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने इसे देखते हुए कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार 23 जुलाई को रांची, खूंटी, गुमला, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, लातेहार और लोहरदगा में भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। 24 जुलाई को मौसम का असर और व्यापक रहेगा। इस दिन रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और बोकारो में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
25 जुलाई को रांची, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश की संभावना है। वहीं 26 जुलाई को रांची, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा और चतरा जिलों में भी भारी वर्षा का अनुमान है। इन सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बुधवार को राज्य में सबसे अधिक 41 मिलीमीटर बारिश बहरागोड़ा में दर्ज की गई। इसके अलावा रांची में 4 मिमी, जमशेदपुर में 12 मिमी, खूंटी में 13 मिमी, हजारीबाग में 10 मिमी, सरायकेला में 20 मिमी, बोकारो में 3 मिमी और मेदिनीनगर में 1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालांकि लगातार बारिश के बावजूद झारखंड में अब भी मानसून सामान्य से पीछे चल रहा है। 1 जून से 22 जुलाई के बीच राज्य में 414.9 मिलीमीटर सामान्य वर्षा के मुकाबले केवल 299.1 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 28 प्रतिशत कम है। वहीं राजधानी रांची में भी सामान्य से 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने और वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

