Water Metro to operate in Jharkhand: केरल की तर्ज पर पतरातू-चांडिल में चलेगी वाटर मेट्रो, कोच्चि ने किया ऐलान
Water Metro to operate in Jharkhand की संभावनाओं ने राज्य के पर्यटन और परिवहन क्षेत्र में नई उम्मीदें जगा दी हैं। कोच्चि वाटर मेट्रो के अधिकारियों ने झारखंड सरकार की इच्छा पर फिजिबिलिटी स्टडी करने की तैयारी जताई है। कोच्चि वाटर मेट्रो के मुख्य महाप्रबंधक शाजी जनार्दन ने कहा कि पतरातू, तिलैया और चांडिल जैसे बड़े जलाशयों में Water Metro to operate in Jharkhand के लिए पर्याप्त संभावनाएं हैं .
Water Metro to operate in Jharkhand: क्या है संभावना?
Water Metro to operate in Jharkhand के तहत राज्य के बड़े डैम और जलाशयों को जोड़ा जा सकता है। कोच्चि वाटर मेट्रो के तकनीकी निदेशक शाजी जनार्दन के अनुसार, वाटर मेट्रो केवल समुद्री इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड के बड़े जलस्रोतों में भी इसे पर्यटन और स्थानीय परिवहन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है .
जिन जलाशयों पर Water Metro to operate in Jharkhand की संभावना तलाशी जा रही है, उनमें शामिल हैं:
- पतरातू डैम: यहां का विशाल जलाशय पर्यटन और परिवहन दोनों के लिए उपयुक्त हो सकता है।
- तिलैया डैम: यह जलाशय भी इस परियोजना के लिए संभावित स्थानों में शामिल है।
- चांडिल डैम: यहां भी वाटर मेट्रो सेवा शुरू की जा सकती है।
- साहिबगंज-राजमहल: गंगा नदी के इस हिस्से में भी जल परिवहन की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं .
Water Metro to operate in Jharkhand: कोच्चि वाटर मेट्रो का अनुभव
कोच्चि वाटर मेट्रो देश की पहली ऐसी सार्वजनिक परिवहन परियोजना है, जो 38 जेटी को जोड़ती है और 78 किलोमीटर के नेटवर्क पर संचालित होती है . कोच्चि वाटर मेट्रो ने देश और विदेश में करीब 18 स्थानों पर फिजिबिलिटी स्टडी की है, जिसमें ओमान, सऊदी अरब और वियतनाम शामिल हैं . यह अनुभव Water Metro to operate in Jharkhand के लिए काफी मददगार हो सकता है.
Water Metro to operate in Jharkhand: मॉडल और किराया
Water Metro to operate in Jharkhand को हाइब्रिड मॉडल पर चलाया जा सकता है, यानी बैटरी और डीजल दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है . राज्य में साल भर धूप की अच्छी स्थिति को देखते हुए भविष्य में सोलर आधारित मॉडल पर भी विचार किया जा सकता है.
वाटर मेट्रो की एक बड़ी खासियत इसकी कम लागत है। कोच्चि में करीब 20 किलोमीटर की यात्रा के लिए अधिकतम 40 रुपये का किराया लिया जाता है . विशेषज्ञों के अनुसार, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए इसे और किफायती बनाया जा सकता है .
Water Metro to operate in Jharkhand: पड़ोसी राज्यों में भी संभावनाएं
Water Metro to operate in Jharkhand की बात तब सामने आई है, जब पड़ोसी राज्यों में भी इस परियोजना को लेकर सरकारें सक्रिय हैं। बिहार में गंगा नदी पर पटना-सोनपुर के बीच वाटर मेट्रो शुरू करने की तैयारी है . पश्चिम बंगाल में कोलकाता और हल्दिया-नंदीग्राम के बीच वाटर मेट्रो की योजना पर काम चल रहा है .
Water Metro to operate in Jharkhand की यह संभावना राज्य के पर्यटन को नई दिशा दे सकती है। कोच्चि वाटर मेट्रो की फिजिबिलिटी स्टडी की पेशकश के बाद अब झारखंड सरकार पर इस परियोजना पर गंभीरता से विचार करने की जिम्मेदारी आ गई है . अगर यह योजना जमीन पर उतरती है, तो झारखंड के डैम सिर्फ घूमने की जगह नहीं रहेंगे, बल्कि पर्यटन और परिवहन का नया माध्यम बन सकते हैं।


