8th Pay Commission: क्या पुराने पेंशनर्स की पेंशन बंद होगी? वायरल दावों की सच्चाई जानें
8th Pay Commission को लेकर वायरल मैसेज: पेंशन बंद होने की अफवाह फैली
सोशल मीडिया पर इन दिनों 8th Pay Commission (8वां वेतन आयोग) को लेकर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर होने वाले कर्मचारियों की पेंशन बंद कर दी जाएगी या उन्हें 8वें वेतन आयोग के तहत पेंशन संशोधन का लाभ नहीं मिलेगा . इस खबर ने देशभर के लाखों पेंशनर्स में चिंता पैदा कर दी है।
पेंशन बंद होने का दावा पूरी तरह झूठा, NC-JCM ने किया खंडन
नेशनल काउंसिल (जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी) के स्टाफ साइड के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने इन दावों को पूरी तरह से बेबुनियाद और फर्जी बताया है . उन्होंने साफ कहा कि:
“ये सभी बातें पूरी तरह से निराधार हैं, और आपको इन पर विश्वास नहीं करना चाहिए। हम इस विषय पर पे कमीशन में चर्चा कर रहे हैं, और मुझे पूरी उम्मीद है कि पेंशनर्स, चाहे वे पहले के हों या बाद के, निश्चित रूप से अपनी पेंशन प्राप्त करते रहेंगे, और इसमें लगातार सुधार होता रहेगा” .
मिश्रा ने पेंशनर्स से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे मैसेज पर भरोसा न करें और केवल यूनियन के आधिकारिक हैंडल से जारी जानकारी पर ही ध्यान दें .
DoPT ने पुराने पेंशनर्स की मांग को आगे बढ़ाया, पेंशन संशोधन की उम्मीद बढ़ी
8th Pay Commission में पुराने पेंशनर्स को शामिल करने को लेकर एक सकारात्मक कदम भी उठाया गया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 18 अगस्त 2026 को दो बड़े पेंशनभोगी संगठनों के ज्ञापनों (Representations) को वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (Department of Expenditure) को भेज दिया है .
इन संगठनों की मुख्य मांग है कि 8th Pay Commission के नियम और शर्तों (Terms of Reference – ToR) में संशोधन करके 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके पेंशनर्स के पेंशन पुनरीक्षण को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए .
हालांकि, DoPT का यह कदम केवल प्रक्रियात्मक है। इस आदेश में पेंशन संशोधन को मंजूरी नहीं दी गई है और न ही ToR में कोई संशोधन हुआ है . 8th Pay Commission के ToR में बदलाव का निर्णय केवल केंद्र सरकार के औपचारिक आदेश द्वारा ही संभव है .
पीआईबी फैक्ट चेक ने भी वायरल दावे को किया खारिज
इससे पहले भी दिसंबर 2025 में एक वायरल मैसेज ने दावा किया था कि वित्त अधिनियम 2025 के तहत पेंशनर्स को DA (महंगाई भत्ता) और वेतन आयोग के लाभ नहीं मिलेंगे . प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी करार दिया था .
PIB ने स्पष्ट किया था कि CCS (पेंशन) नियम, 2021 के नियम 37 में संशोधन सिर्फ एक विशेष स्थिति से संबंधित है – यदि किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) में नियुक्त कर्मचारी को दुराचार के लिए सेवा से बर्खास्त किया जाता है, तो उसके सेवानिवृत्ति लाभ नहीं दिए जाएंगे . यह नियम नियमित पेंशनर्स पर लागू नहीं होता है .
8th Pay Commission में पेंशनर्स की अन्य मांगें
पेंशनर्स की अन्य महत्वपूर्ण मांगों में शामिल हैं:
- न्यूनतम पेंशन: भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने न्यूनतम पेंशन ₹45,000 प्रति माह करने का प्रस्ताव दिया है .
- कम्यूटेशन अवधि में कमी: पेंशनर्स कम्यूटेशन की बहाली की अवधि को मौजूदा 15 साल से घटाकर 11 साल करने की मांग कर रहे हैं, जिससे उन्हें महत्वपूर्ण अतिरिक्त लाभ मिल सकता है .
8th Pay Commission: साइबर ठगों से सावधान रहें
8th Pay Commission की उत्सुकता का फायदा उठाते हुए साइबर ठग भी सक्रिय हैं। “8th पे कमीशन सैलरी कैलकुलेटर” नाम का एक फर्जी ऐप वायरल हो रहा है, जो APK फाइल के रूप में भेजा जाता है और बैंकिंग जानकारी चुरा सकता है . सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह कभी भी WhatsApp या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए APK फाइल नहीं भेजती .
निष्कर्ष
8th Pay Commission के तहत पेंशन बंद होने के वायरल दावे पूरी तरह से झूठे और निराधार हैं। NC-JCM के शिव गोपाल मिश्रा और PIB फैक्ट चेक दोनों ने इन अफवाहों का खंडन किया है . पेंशनर्स को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। DoPT ने पुराने पेंशनर्स की मांग को व्यय विभाग को भेज दिया है, जो एक सकारात्मक कदम है, हालांकि अंतिम निर्णय अभी बाकी है . किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करें और फर्जी ऐप्स व मैसेज से सावधान रहें।
अस्वीकरण: यह लेख सितंबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक बयानों और सार्वजनिक रिकॉर्ड पर आधारित है। पेंशन नियम और लाभ सरकारी अधिसूचनाओं और संसदीय अनुमोदन के अधीन हैं।
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