Jharkhand Rain: 87% धान की रोपनी पूरी, अगस्त में 27 मिमी अतिरिक्त बारिश ने टाला सूखा, जानें किस जिले में कितनी बारिश
Jharkhand Rain ने इस बार किसानों के लिए राहत और चिंता दोनों पैदा की है। खरीफ सीजन की शुरुआत में झारखंड में सूखे का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन Jharkhand Rain ने अगस्त में करवट ली और राज्य को बड़े संकट से बचा लिया।
Jharkhand Rain: अगस्त ने बदली तस्वीर, सूखे का खतरा टला
खरीफ सीजन की शुरुआत चिंताजनक रही थी। जून में झारखंड में 60% बारिश की कमी दर्ज की गई थी, जिससे किसानों ने धान की नर्सरी तक नहीं लगाई थी । जुलाई तक Jharkhand Rain 376 मिमी रही, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 508 मिमी होनी चाहिए थी । हालांकि, अगस्त में Jharkhand Rain ने रफ्तार पकड़ी और 290 मिमी के सामान्य के मुकाबले 371 मिमी बारिश दर्ज की गई, यानी 27 मिमी अधिक ।
31 अगस्त की अंतिम समयसीमा तक Jharkhand Rain के कारण लक्ष्य 18.01 लाख हेक्टेयर में से 15.57 लाख हेक्टेयर (87%) में धान की रोपनी पूरी हो गई । इससे सूखे का संकट काफी हद तक टल गया, हालांकि 13% खेत अब भी खाली हैं ।
Jharkhand Rain: किस जिले में कितनी बारिश और कितनी धान की रोपनी?
Jharkhand Rain ने अलग-अलग जिलों में अलग-अलग प्रदर्शन किया :
सबसे अधिक बारिश वाले जिले:
- पश्चिमी सिंहभूम: 1224.4 मिमी (सामान्य से 52% अधिक) — Jharkhand Rain में यह जिला शीर्ष पर रहा
- लातेहार: 1009.5 मिमी (सामान्य से 24% अधिक)
- रांची: 882.3 मिमी (सामान्य से 8% अधिक)
सबसे कम बारिश वाले जिले:
- पाकुड़: 428.6 मिमी (सामान्य से 52% कम) — Jharkhand Rain में यह जिला सबसे पीछे रहा
- कोडरमा: 396.5 मिमी (सामान्य से 41% कम)
- देवघर: 443.9 मिमी (सामान्य से 41% कम)
धान की रोपनी (हजार हेक्टेयर में):
| जिला | लक्ष्य | रोपनी | पूर्णता % |
|---|---|---|---|
| गढ़वा | 188 | 178 | 95% |
| पश्चिमी सिंहभूम | 186 | 168 | 90% |
| रांची | 171 | 142 | 83% |
| पाकुड़ | 49 | 43 | 88% |
| पलामू | 51 | 36 | 71% |
| गिरिडीह | 88 | 61 | 69% |
Jharkhand Rain: पिछले साल से 8% कम धान का रकबा
Jharkhand Rain के बावजूद इस साल 15.57 लाख हेक्टेयर में धान की खेती हुई, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 17.06 लाख हेक्टेयर था, यानी करीब 8% की कमी ।
Jharkhand Rain: अब खाली खेतों में मोटा अनाज
कृषि विभाग ने Jharkhand Rain के बावजूद खाली रहे 13% खेतों के लिए वैकल्पिक योजना बनाई है । कृषि विभाग के निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज के अनुसार, खाली खेतों में मोटा अनाज (मिलेट) लगवाने की योजना है । मिलेट मिशन के तहत अब तक एक लाख से अधिक आवेदन मिल चुके हैं ।
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