
Voter List: झारखंड में 15 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका, दूसरे राज्यों के दस्तावेज भी होंगे मान्य
Voter List: झारखंड में 15 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका, दूसरे राज्यों के दस्तावेज भी होंगे मान्य
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर निर्वाचन विभाग ने अहम जानकारी दी है। Voter List में नाम जुड़वाने और सत्यापन से जुड़े इस अभियान में अब दूसरे राज्यों के दस्तावेज भी मान्य होंगे। अगर कोई व्यक्ति झारखंड में रह रहा है, लेकिन उसका जन्म या पुराना निवास किसी दूसरे राज्य में रहा है, तो वह Voter List के सत्यापन के लिए दूसरे राज्य से जारी दस्तावेज भी प्रस्तुत कर सकता है।
Voter List: दूसरे राज्य के दस्तावेज भी होंगे स्वीकार
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि ऐसे दस्तावेज का झारखंड से जारी होना जरूरी नहीं है। मतदाता अपने जन्म स्थान, उम्र या पारिवारिक संबंध से जुड़े प्रमाण के लिए संबंधित राज्य के सक्षम विभाग या अधिकारी द्वारा जारी दस्तावेज जमा कर सकते हैं। यह Voter List सत्यापन प्रक्रिया को अधिक लचीला और पात्र नागरिकों के अनुकूल बनाता है।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, झारखंड की Voter List में ऐसे कई लोग शामिल हैं, जिनका जन्म या पूर्व निवास दूसरे राज्यों में रहा है। यदि SIR के दौरान किसी मतदाता को उम्र, जन्म या अन्य जानकारी के सत्यापन के लिए नोटिस मिलता है, तो वह अपने मूल राज्य से जारी मान्य दस्तावेज पेश कर सकता है।
Voter List: कौन-कौन से दस्तावेज होंगे मान्य?
Voter List सत्यापन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते हैं:
- वंशावली
- सक्षम अधिकारी द्वारा जारी पारिवारिक सूची
- खतियान
- शैक्षणिक प्रमाण-पत्र
- निर्वाचन आयोग द्वारा SIR के लिए निर्धारित अन्य दस्तावेज
Voter List: कौन बन सकता है मतदाता?
Voter List में नाम शामिल कराने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना और निर्धारित अर्हता तिथि पर 18 वर्ष की उम्र पूरी करना जरूरी है। मौजूदा SIR के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित है।
Voter List: 15 सितंबर तक प्रक्रिया पूरी करने की अपील
निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि यदि उन्हें सत्यापन के संबंध में नोटिस मिला है, तो वे 15 सितंबर तक निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा-आपत्ति और सुनवाई में शामिल हों और उपलब्ध मान्य दस्तावेज प्रस्तुत करें।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को भी निर्देश दिया है कि हर मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों की नियमानुसार जांच की जाए और पात्रता के आधार पर निर्णय लिया जाए। Voter List प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो।
झारखंड में Voter List से जुड़ी यह प्रक्रिया पारदर्शी और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 15 सितंबर तक मतदाताओं को दावा-आपत्ति का मौका दिया गया है, जिससे पात्र नागरिक अपना नाम Voter List में शामिल करा सकते हैं। दूसरे राज्यों के दस्तावेजों को मान्यता देने से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनका जन्म या पूर्व निवास झारखंड के बाहर रहा है।
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