1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगा नया वेतन समझौता, 95 कर्मचारियों को लाभ; सितंबर से बढ़ा बेसिक और नई PLR स्कीम भी लागू

जमशेदपुर: टाटा स्टील की अनुषंगी इकाई टाटा पिगमेंट्स में लंबे समय से लंबित वेतन संशोधन पर आखिरकार सहमति बन गई है। कंपनी प्रबंधन और यूनियन के बीच सात वर्ष की अवधि के लिए नया वेतन समझौता हुआ है, जो 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2031 तक प्रभावी रहेगा।
करीब 28 महीने से लंबित इस समझौते का सीधा लाभ कंपनी के 95 कर्मचारियों को मिलेगा। नए वेतन ढांचे के लागू होने से कर्मचारियों की मासिक आय में ₹8,600 से ₹15,000 तक की बढ़ोतरी होने की बात कही गई है।
सितंबर से बढ़ा वेतन, नवंबर में एरियर
समझौते के अनुसार कर्मचारियों को संशोधित बेसिक वेतन का लाभ सितंबर 2026 के वेतन से मिलना शुरू हो जाएगा। वहीं अप्रैल 2024 से अगस्त 2026 तक के 28 महीनों का एरियर नवंबर में कर्मचारियों के बैंक खातों में भुगतान किए जाने की तैयारी है। इससे कर्मचारियों को एक साथ लंबित राशि का भी बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।
ग्रेड स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव
यूनियन नेतृत्व के मुताबिक नए समझौते में वेतन ढांचे और ग्रेड स्ट्रक्चर में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। बताया गया है कि औसत रेट ऑफ इंक्रीमेंट में बड़ी वृद्धि की गई है, जिससे आने वाले वर्षों में कर्मचारियों के वेतन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
Performance Linked Reward Scheme भी लागू
नए समझौते में कर्मचारियों के प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए Performance Linked Reward (PLR) Scheme भी शामिल की गई है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के प्रदर्शन, उत्पाद की गुणवत्ता और सेफ्टी रिकॉर्ड को बेहतर बनाना है। योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को फिलहाल ₹550 का लाभ दिया जाएगा। अप्रैल 2027 में इस राशि में बढ़ोतरी किए जाने की भी बात कही गई है।
NPS के तहत मिलेगा कैश भत्ता
कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए National Pension System (NPS) से जुड़ा अतिरिक्त लाभ भी समझौते में शामिल किया गया है। इसके तहत कर्मचारियों को ₹500 का कैश भत्ता देने का प्रावधान किया गया है।
95 कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा
नए वेतन समझौते से कंपनी के 95 कर्मचारियों को सीधे तौर पर लाभ होगा। बढ़े हुए वेतन, एरियर, PLR और NPS से जुड़े प्रावधानों के कारण कर्मचारियों की कुल आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। लंबे समय से वेतन संशोधन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह समझौता बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
प्रबंधन और यूनियन प्रतिनिधियों ने किए हस्ताक्षर
समझौते पर कंपनी प्रबंधन और यूनियन के कई वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए।
प्रबंधन की ओर से प्रबंध निदेशक सरोज कुमार बनर्जी, मुख्य कारखाना प्रबंधक मानित कुमार, प्लांट हेड केएम महाराज, CFO दिनेश अग्रवाल, CHRO अंकिता केविन नटाल और HR प्रमुख अतुल कुमार शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
वहीं यूनियन की ओर से अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, उपाध्यक्ष कुलबीर सिंह और सत्यनारायण राव, सह सचिव कमलेश कुमार शर्मा और अनिल प्रसाद तथा कोषाध्यक्ष भुनेश्वर राम समेत अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए।
28 महीने बाद बनी सहमति
कंपनी परिसर के इंद्रधनुष भवन में हुई बैठक के दौरान लंबे समय से लंबित वेतन संशोधन पर अंतिम सहमति बनी। इस समझौते के बाद कर्मचारियों को सितंबर से बढ़े हुए वेतन का लाभ मिलना शुरू होगा, जबकि नवंबर में एरियर भुगतान के साथ उन्हें बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

