Jharkhand SIR: रांची में 34 मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश का आरोप, Form-7 को लेकर विवाद

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Jharkhand SIR: रांची में 34 मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश का आरोप, Form-7 को लेकर विवाद

Jharkhand SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर राजधानी रांची में नया विवाद सामने आया है। हिंदपीढ़ी इलाके के 34 मतदाताओं ने आरोप लगाया है कि बूथ लेवल एजेंट (BLA) ने Form-7 के माध्यम से गलत जानकारी देकर उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए आवेदन किया है, जबकि ये सभी लोग वर्षों से अपने स्थायी पते पर रह रहे हैं । मामला रांची विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 226 से जुड़ा है।

Jharkhand SIR: क्या है पूरा मामला?

Jharkhand SIR के तहत मतदाता सूची की सफाई की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें अब तक 43.61 लाख से अधिक नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं । इसी बीच रांची के हिंदपीढ़ी इलाके में एक नई समस्या सामने आई है। शिकायत के अनुसार, BLA-2 मो. यासीन अली ने 34 मतदाताओं को अनुपस्थित या अस्थायी रूप से स्थानांतरित बताकर Form-7 के जरिए उनके नाम हटाने का आवेदन दिया

प्रभावित मतदाताओं का कहना है कि वे सभी लंबे समय से हिंदपीढ़ी में अपने स्थायी पते पर रह रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब वे स्वयं वहां मौजूद हैं तो उन्हें अनुपस्थित दिखाकर नाम हटाने की प्रक्रिया क्यों शुरू की गई । मामले को लेकर मतदाताओं ने रांची एसडीएम को लिखित शिकायत दी है और पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है

Jharkhand SIR: क्या है Form-7?

Jharkhand SIR की प्रक्रिया में Form-7 का उपयोग मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए किया जाता है। यह फॉर्म तब दाखिल किया जाता है जब किसी मतदाता के नाम को अनुपस्थित, स्थानांतरित, या अयोग्य होने के आधार पर हटाया जाना हो।

Jharkhand SIR के नियमों के अनुसार, BLA-2 एजेंट BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) को प्रतिदिन अधिकतम 10 Form-7 दे सकते हैं । हालांकि, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि SIR प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और किसी पात्र मतदाता का नाम गलत सूचना के आधार पर नहीं हटाया जा सकता

Jharkhand SIR: गोड्डा में भी इसी तरह के मामले

Jharkhand SIR के दौरान यह पहली बार नहीं है जब Form-7 को लेकर विवाद हुआ है। गोड्डा जिले में भी इसी तरह के कई मामले सामने आए हैं:

गोड्डा में BJP BLA की गिरफ्तारी: एक BJP BLA, विनय कुमार मंडल को गोड्डा के पचरुखी गांव में लगभग 200 Form-7 दाखिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था । इनमें से अधिकतर अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के नाम थे । उल्लेखनीय बात यह है कि इन फॉर्मों में उसी बूथ की BLO साजिदा बीबी और उनके पति के नाम भी शामिल थे । उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत FIR दर्ज की गई

गोड्डा के माहेश्टीकरी में BLA का दावा: माहेश्टीकरी के बूथ नंबर 9 पर BJP BLA संजीव कुमार ने 25 Form-7 दाखिल किए थे। BLO अनिशा बानो ने इन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि जिन लोगों के नाम हटाने का आवेदन है, वे वर्षों से इसी इलाके में रह रहे हैं । संजीव कुमार ने दावा किया कि ये फॉर्म पार्टी द्वारा उन्हें दे दिए गए थे

INDIA गठबंधन की शिकायत: INDIA गठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर आरोप लगाया कि BJP कार्यकर्ता कई जिलों में BLO को Form-7 के जरिए विशेष मतदाताओं के नाम हटाने के लिए मजबूर कर रहे हैं

Jharkhand SIR: चुनाव आयोग की सफाई

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने इन आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया पारदर्शी है और किसी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटाया जा सकता । उन्होंने कहा कि BLA बल्क में फॉर्म दाखिल कर सकते हैं, लेकिन उन्हें एक घोषणा पत्र देना होगा जिसमें वे जानकारी की सटीकता की पुष्टि करें

चुनाव आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 सितंबर 2026 कर दी है । अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 19 अक्टूबर 2026 तक स्थगित कर दिया गया है

Jharkhand SIR: किस पर होगी कार्रवाई?

Jharkhand SIR की प्रक्रिया में Form-7 के माध्यम से गलत जानकारी देने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत मतदाता सूची की तैयारी के दौरान गलत घोषणा करने पर एक साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है । इसके अलावा, फर्जी दस्तावेजों के मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत भी कार्रवाई हो सकती है

गोड्डा मामले में DEO ने जांच का आदेश दिया है और रांची के हिंदपीढ़ी मामले में भी SDM ने जांच का आश्वासन दिया है

Jharkhand SIR की यह प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध बनाने के लिए चलाई जा रही है, लेकिन रांची और गोड्डा में सामने आए Form-7 के विवाद ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने इन मामलों की जांच का आश्वासन दिया है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है । मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि यदि उन्हें लगता है कि उनका नाम गलत तरीके से हटाया जा रहा है, तो वे दावा-आपत्ति की अवधि के दौरान Form-6 के जरिए अपना नाम वापस जुड़वा सकते हैं

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