जसीडीह स्टेशन पर दो डॉक्टर रहेंगे तैनात, देवघर और बैद्यनाथधाम स्टेशन पर पैरामेडिकल टीम व एंबुलेंस की भी व्यवस्था

देवघर: श्रावणी मेला 2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रेलवे और जिला स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जसीडीह, देवघर और बैद्यनाथधाम रेलवे स्टेशनों पर आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष मेडिकल व्यवस्था की जा रही है। इसी सिलसिले में आसनसोल रेल मंडल की अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रजनी सिन्हा ने देवघर के सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार के साथ बैठक कर स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में डॉक्टरों की तैनाती, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस सेवा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
जसीडीह स्टेशन पर 24 घंटे रहेंगे दो डॉक्टर
श्रावणी मेले के दौरान जसीडीह रेलवे स्टेशन पर चौबीसों घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी। यहां एक डॉक्टर राज्य सरकार और एक डॉक्टर रेलवे की ओर से तैनात किए जाएंगे। दोनों चिकित्सक पैरामेडिकल स्टाफ के साथ मिलकर श्रद्धालुओं को प्राथमिक और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।
कांवरियों की सबसे बड़ी आवाजाही का केंद्र है जसीडीह
जसीडीह स्टेशन श्रावणी मेले के दौरान सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शामिल रहता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रेन से यहां पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते हैं। ऐसे में किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए स्टेशन पर डॉक्टरों और चिकित्सा टीम की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस रहेगी तैयार
रेलवे और स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है कि जसीडीह स्टेशन पर मेला अवधि के दौरान एंबुलेंस सेवा भी हर समय उपलब्ध रहेगी। यदि किसी श्रद्धालु की तबीयत गंभीर होती है, तो उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल या उच्च चिकित्सा केंद्र पहुंचाया जाएगा।
देवघर और बैद्यनाथधाम स्टेशन पर भी विशेष व्यवस्था
बैठक में यह भी तय किया गया कि देवघर और बैद्यनाथधाम रेलवे स्टेशन पर 24 घंटे पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती रहेगी। यह टीम प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के साथ जरूरत पड़ने पर मरीजों को आगे की चिकित्सा सुविधा से भी जोड़ेगी।
रेलवे और स्वास्थ्य विभाग में रहेगा समन्वय
अधिकारियों ने कहा कि श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे और जिला स्वास्थ्य विभाग के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जाएगा। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना साझा कर आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी भी की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को समय पर उपचार मिल सके। समीक्षा बैठक में रेलवे और स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे और मेले के दौरान चिकित्सा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक रणनीति पर चर्चा की गई।

