विश्व आदिवासी दिवस पर परंपरा और तकनीक का अनूठा संगम, राज्यभर के कलाकारों और आदिवासी संस्कृति को मिलेगा वैश्विक मंच।

रांची: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर इस वर्ष झारखंड में दो दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव का आयोजन 8 और 9 अगस्त को किया जाएगा। इस बार का मुख्य कार्यक्रम राजधानी रांची में आयोजित होगा, जबकि राज्यभर में भी विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारी जोरों पर है।
इस वर्ष के आयोजन की खास बात यह है कि महोत्सव को पद्मश्री दिवंगत डॉ. रामदयाल मुंडा के गुरु और आदिवासी चिंतक डॉ. एस.आई. चेतबोट को समर्पित किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य केवल आदिवासी संस्कृति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है।
महोत्सव में होंगे कई आकर्षण
आयोजन में ड्रोन लाइट शो, एआई चैटबॉट, डिजिटल टनल, ऑगमेंटेड और वर्चुअल रियलिटी (AR/VR), डिजिटल इंस्टॉलेशन, होलोग्राम, इंटरएक्टिव एलईडी वॉल, होलोग्राफिक फैन और सोशल मीडिया लाइव जोन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
इसके अलावा, ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल, ट्राइबल फैशन शो, डिजिटल प्रदर्शनी, आदिवासी कला एवं हस्तशिल्प प्रदर्शनी, लघु वनोपज और स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र होंगे।
100 से अधिक स्टॉल और कलाकारों की भागीदारी
महोत्सव में राज्यभर से 100 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें झारखंडी व्यंजन, हस्तशिल्प, वन उत्पाद, स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद और पारंपरिक कला का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही, राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आदिवासी कलाकार, लोक नर्तक और सांस्कृतिक दल अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
नई पहचान देने की तैयारी
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, इस बार आयोजन को पारंपरिक स्वरूप से आगे बढ़ाते हुए तकनीक और संस्कृति का अनूठा संगम बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य झारखंड की आदिवासी परंपरा, संस्कृति और प्रतिभा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाना है। विश्व आदिवासी दिवस के इस विशेष आयोजन को लेकर राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

