रांची में 3 नए फ्लाइओवर का रास्ता साफ, जल्द फाइनल होगा टेंडर; इसी साल शुरू हो सकता है निर्माण

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हरमू, सिरमटोली कनेक्टिंग और करमटोली-चिरौदी फ्लाइओवर के लिए कई बड़ी कंपनियों ने टेंडर में लिया हिस्सा, तकनीकी मूल्यांकन के बाद खुलेगी फाइनेंशियल बिड

रांची: राजधानी रांची में ट्रैफिक की समस्या को कम करने की दिशा में तीन नए फ्लाइओवर प्रोजेक्ट अब आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं। इन परियोजनाओं के लिए कई बड़ी निर्माण कंपनियों ने टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया है। फिलहाल कंपनियों के प्रस्तावों का तकनीकी मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके बाद फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी और फिर यह तय होगा कि किस कंपनी को किस फ्लाइओवर के निर्माण की जिम्मेदारी मिलेगी।

तीनों परियोजनाओं के टेंडर जल्द फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद इसी साल निर्माण कार्य शुरू किए जाने की तैयारी है।

कई बड़ी कंपनियां टेंडर की दौड़ में

राजधानी के प्रस्तावित तीन फ्लाइओवर के निर्माण के लिए L&T, HCC, DRA Infra और शिवालिया कंस्ट्रक्शन समेत कई कंपनियों ने टेंडर में हिस्सा लिया है। बताया जा रहा है कि DRA Infra ने दो फ्लाइओवर के लिए बोली लगाई है।

रांची में पहले से फ्लाइओवर निर्माण का अनुभव रखने वाली कंपनियां भी इस परियोजना में शामिल हैं। L&T ने सिरमटोली-मेकन फ्लाइओवर का निर्माण किया है, जिसमें रेलवे लाइन के ऊपर केबल-स्टे ब्रिज भी बनाया गया था। वहीं DRA Infra कांटाटोली फ्लाइओवर का निर्माण कर चुकी है। इस फ्लाइओवर का उद्घाटन अक्टूबर 2024 में हुआ था। कंपनी वर्तमान में सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाइओवर के निर्माण से भी जुड़ी है।

तीनों फ्लाइओवर का निर्माण होगा चुनौतीपूर्ण

इन परियोजनाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीमित जमीन और भारी ट्रैफिक है। इंजीनियरों के अनुसार, व्यस्त सड़कों पर निर्माण के दौरान ट्रैफिक को सामान्य बनाए रखना आसान नहीं होगा। इसलिए फ्लाइओवर के डिजाइन से लेकर निर्माण की पूरी प्रक्रिया में ट्रैफिक मैनेजमेंट का विशेष ध्यान रखना होगा।

करमटोली-चिरौदी फ्लाइओवर के रास्ते में अंतू चौक के आसपास का इलाका काफी व्यस्त और संकरा है। आसपास बाजार होने के कारण यहां निर्माण सामग्री, मशीनरी और ट्रैफिक को व्यवस्थित करना बड़ी चुनौती होगी।

इसी तरह अरोड़ा चौक से चापुटोली के बीच ओल्ड अरगोड़ा चौक के आगे सड़क की चौड़ाई कम है। यहां पाइलिंग और पियर बनाने के दौरान यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

हरमू फ्लाइओवर पर भी रहेगी बड़ी चुनौती

हरमू रोड राजधानी के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस रास्ते से आम ट्रैफिक के अलावा राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायाधीश समेत कई वीवीआईपी का आवागमन होता है। ऐसे में निर्माण के दौरान ट्रैफिक को नियंत्रित रखना प्रशासन और निर्माण एजेंसी के लिए बड़ी चुनौती होगी।

पहले भी रद्द हो चुका है हरमू फ्लाइओवर का टेंडर

हरमू फ्लाइओवर को लेकर इससे पहले भी टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन उस समय सिर्फ एक कंपनी ने इसमें हिस्सा लिया था। प्रतिस्पर्धी बोली नहीं मिलने के कारण टेंडर रद्द करना पड़ा था।

इसके बाद फ्लाइओवर के डिजाइन में बदलाव किया गया। मुख्यमंत्री की ओर से इसे ज्यादा उपयोगी और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए थे। संशोधित डिजाइन के आधार पर करीब दो महीने पहले दोबारा टेंडर जारी किया गया। अब कंपनियों के प्रस्तावों के तकनीकी मूल्यांकन के बाद अगली प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

टेंडर फाइनल होते ही शुरू होगा अगला चरण

फिलहाल तीनों फ्लाइओवर परियोजनाओं के लिए तकनीकी जांच की प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होने के बाद वित्तीय बोली खोली जाएगी। इसके आधार पर निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा।

अगर पूरी प्रक्रिया तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो रांची में इस साल तीन महत्वपूर्ण फ्लाइओवर परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इनका उद्देश्य शहर के व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम करना और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

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